Saranda Encounter Update, Chaibasa : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में रविवार तड़के सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के बीच मुठभेड़ की सूचना है। छोटानागरा और जराईकेला थाना क्षेत्र में सुबह करीब पांच बजे कांबिंग ऑपरेशन के दौरान रुक-रुक कर गोलीबारी हुई।
मुठभेड़ के दौरान मरांगपोंगा इलाके में आइईडी (IED) विस्फोट हुआ, जिसमें कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट अजय मलिक और हेड कांस्टेबल विक्रम यादव घायल हो गए। एक अन्य जवान के भी घायल होने की सूचना है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया है, जबकि एक और घायल के एयरलिफ्ट की तैयारी जारी है।
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घेराबंदी और सघन सर्च ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और जंगल के अंदरूनी हिस्सों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का आकलन है कि इलाके में किसी बड़े माओवादी नेता की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जराईकेला थाना क्षेत्र के कोलभंगा जंगल में शुरू हुई कार्रवाई को निर्णायक मोड़ पर बताया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देने की सूचना है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता।
IED का बढ़ता खतरा, दोहरी चुनौती
सारंडा के दुर्गम भूगोल में आइईडी (IED) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने अपने ठिकानों की सुरक्षा के लिए प्रेशर IED और बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं। इससे सर्च ऑपरेशन जटिल हो जाता है—एक ओर मुठभेड़ का जोखिम, दूसरी ओर विस्फोटक का खतरा।
हाल के दिनों में सुरक्षाबलों के साथ-साथ कुछ ग्रामीणों के भी IED की चपेट में आने की खबरें सामने आई हैं। क्षेत्र को IED-मुक्त बनाने के लिए विशेष बम निरोधक दस्ता तैनात है और रूट सैनीटाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है।
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‘मिसिर बेसरा’ की सक्रियता की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि भाकपा माओवादी के शीर्ष नेताओं में शामिल मिसिर बेसरा की क्षेत्र में गतिविधि की आशंका है। माना जा रहा है कि दबिश बढ़ने के बीच संगठन ने IED के जरिए सुरक्षा घेरा बनाया है। आधिकारिक स्तर पर इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासन का रुख
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि संयुक्त बलों का अभियान जारी है और अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है। लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करना और विकास कार्यों को बाधारहित बनाना है।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घायलों की चिकित्सकीय स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
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