जमशेदपुर में 5 माह में 1300 चापड़बाजी की घटनाएं चिंताजनक
जमशेदपुर: शहर में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है। बंद से पहले 2 जुलाई की शाम मशाल जुलूस निकाला जाएगा। आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और नागरिक संगठनों से संपर्क किया जा रहा है।
सरयू राय ने बताया कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय एवं सर्वसमाज की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा लागू किए जाने के कारण उसे स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रशासन के निर्णय का सम्मान करते हुए अब 2 जुलाई को एक विस्तृत रणनीतिक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न समाजों, व्यापारिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों के साथ आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
सरयू राय ने दावा किया कि जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों में शहर में चापड़बाजी की लगभग 1300 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उनका कहना था कि यह आंकड़ा बताता है कि अपराधियों में कानून का भय लगातार कम होता जा रहा है। इसके अलावा शहर के विभिन्न इलाकों में गोलीबारी, शराब से जुड़े अपराध, चोरी और हिंसक वारदातों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुई जघन्य घटनाओं ने आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यदि समय रहते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था बहाल करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बुलाया गया है। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
बंद को सफल बनाने के लिए गठित कोर कमेटी की बैठक में शंभूनाथ सिंह, बीडी सिंह, निशांत कुमार, सुखदेव, अनीकेत सिंह सावरकर, सुबीर श्रीवास्तव, सतीश सिंह, सुधा सिंह, रायेंद्र प्रताप उर्फ झूमा तथा मृत्युंजय सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में आंदोलन की रणनीति, जनसंपर्क अभियान और विभिन्न संगठनों से समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
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