झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और उग्र हो चुका है। बड़ी संख्या में छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया, जिस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज एवं वाटर कैनन के साथ आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। दिनभर छात्र विधानसभा के गेट नंबर एक के पास डटे रहे, जिसमें शाम के समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए दोबारा लाठीचार्ज किया है। इस दौरान, प्रदर्शन स्थल पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।
साथ ही, रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ मीडिया कर्मी भी इसकी चपेट में आए हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने यह कह दिया है कि अब छात्रों की बातचीत किसी मंत्री से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ही होगी। उन्होंने यह आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। उन्होंने कहा कि अब छात्रों की मांगों और पूरी मामले पर मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत ही की जाएगी।
विधानसभा के पास प्रदर्शन के दौरान, छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के साथ धक्का-मुक्की की बात भी सामने आ रही है, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है और प्रदर्शन स्थल पर तनाव और भी बढ़ चुका था। बड़ी संख्या में पुलिस बल पहले से विधानसभा के आसपास तैनात था। प्रदर्शन के दौरान, पुलिस की कार्रवाई के बीच एक छात्र वी वॉन्ट जस्टिस का नारा लगाते हुए बेहोश हो गया, जिसके बाद, प्रदर्शनकारियों ने उसे संभाला है। आंदोलनकारी छात्रों ने पुलिस पर आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया, जो कि उनके हिसाब से काफी गलत था।
अब छात्रों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे एवं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर कोई फैसला नहीं लेती है, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।