Ajmer/Ranchi : भारत में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से 14 वर्षीय किशोरी को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का टीका लगाकर देशव्यापी टीकाकरण अभियान का शंखनाद किया। हालांकि, इस स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की राजनीतिक टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसका असर झारखंड में आयोजित कार्यक्रम में भी देखने को मिला।
पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: INC को बताया ‘MMC’
अजमेर के मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कांग्रेस अपनी पहचान खो चुकी है। पीएम ने कहा, “कभी कांग्रेस आईएनसी (इंडियन नेशनल कांग्रेस) हुआ करती थी, लेकिन अब वह ‘मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस’ (MMC) बन गई है।” प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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झारखंड में विवाद: स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच तकरार
प्रधानमंत्री के इस भाषण का सीधा प्रसारण झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में भी किया जा रहा था। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री की राजनीतिक टिप्पणी शुरू होते ही डॉ. इरफान अंसारी ने कार्यक्रम का साउंड म्यूट करा दिया। इसके तुरंत बाद संजय सेठ ने हस्तक्षेप करते हुए दोबारा साउंड ऑन कराया। इस घटना से नाराज होकर डॉ. अंसारी बीच कार्यक्रम से बाहर निकल गए।
“नि:शुल्क टीका नहीं लेगी झारखंड सरकार”: डॉ. इरफान अंसारी
कार्यक्रम से बाहर आने के बाद डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मीडिया से कहा, “हर मंच को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए। हम प्रधानमंत्री के इस तरह के बयानों की निंदा करते हैं।” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इस प्रकार की बयानबाजी जारी रखती है, तो झारखंड सरकार केंद्र से नि:शुल्क एचपीवी टीका नहीं लेगी। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार अपने बजट से टीका खरीदकर बेटियों को उपलब्ध कराएगी।
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संजय सेठ का पलटवार: “यह मर्यादा का उल्लंघन है”
वहीं, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण बीच में रोकना संस्कारों और मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने इस अभियान को बेटियों के लिए एक बड़ा उपहार बताते हुए सभी से इसका स्वागत करने की अपील की।
बेटियों के लिए क्यों खास है यह टीका?
इस विवाद से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने इस पहल की सराहना की थी। उन्होंने बताया था कि:
- निजी अस्पतालों में एचपीवी टीके की एक खुराक की कीमत लगभग 4,000 रुपए है।
- सरकारी केंद्रों में यह पूरी तरह नि:शुल्क मिलेगा।
- अभियान के तहत 14 वर्ष की आयु वाली बालिकाओं को कवर किया जाएगा।
- झारखंड में मार्च-अप्रैल 2026 से तीन महीने तक सघन अभियान चलाया जाएगा।
रांची के सदर अस्पताल में 14 वर्ष 3 माह की सलोनी कुमारी को राज्य का पहला टीका लगाकर इस अभियान की आधिकारिक शुरुआत की गई।