राज्य सरकार ने केंद्र की नई ग्रामीण रोजगार योजना पर जताई आपत्ति, कहा- 40% खर्च राज्यों पर डालना अनुचित

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा ने गुरुवार को नई ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को वापस लेने और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कर दिया।यह प्रस्ताव राज्य के संसदीय कार्य मंत्री एम. बी. राजेश ने सदन में पेश किया। विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के शबरिमला सोना गायब होने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के बीच यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ।
केरल विधानसभा में प्रस्ताव पारित
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा ने गुरुवार को नई ग्रामीण रोजगार योजना ‘वीबी-जी राम जी’ को वापस लेने और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित कर दिया।यह प्रस्ताव राज्य के संसदीय कार्य मंत्री एम. बी. राजेश ने सदन में पेश किया। विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के शबरिमला सोना गायब होने के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के बीच यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ।
राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ पर आपत्ति
प्रस्ताव पेश करते हुए मंत्री एम. बी. राजेश ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत योजना की पूरी लागत केंद्र सरकार वहन करती थी, जबकि नई योजना ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी के तहत राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च खुद उठाना होगा।मंत्री ने इसे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे गरीब और ग्रामीण श्रमिकों के हित प्रभावित हो सकते हैं।