CRPF ग्रुप सेंटर, दिल्ली को मिला प्रथम पुरस्कार, टेल्को निवासी डीआईजी विनय कुमार सिंह ने ग्रहण किया सम्मान
Agartala : त्रिपुरा की राजधानी अगरतला स्थित हापनिया इंटरनेशनल फेयर ग्राउंड में 20 फरवरी 2026 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों का संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की।
सम्मेलन का आयोजन गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में हुआ, जिसमें राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं, बैंकों, केंद्रीय कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को सम्मानित किया गया। कुल 80 पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें नराकास राजभाषा सम्मान भी शामिल था।
‘क’ क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए केरिपुब ग्रुप को प्रथम पुरस्कार
सम्मेलन के दौरान ‘क’ क्षेत्र में राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए केरिपुब (CRPF) ग्रुप सेंटर, नई दिल्ली को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान डीआईजी विनय कुमार सिंह ने ग्रहण किया। वे टेल्को क्षेत्र से जुड़े हैं, जो झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर से संबद्ध है।
यह उपलब्धि न केवल संस्था के लिए बल्कि राजभाषा हिंदी के व्यवस्थित और प्रभावी उपयोग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
विशेष प्रकाशन भी हुए जारी
कार्यक्रम के दौरान ‘राजभाषा भारती’ का पूर्वोत्तर विशेषांक जारी किया गया। साथ ही दो नई पुस्तकें—
- Indian Languages and the Official Language Hindi – Timeless Works
- Amritvani – Timeless Inspiring Verses of Sanskrit
का विमोचन भी किया गया।
3000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी
सम्मेलन में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब तथा राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या सहित लगभग 3000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
हिंदी और भारतीय भाषाओं पर जोर
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं परस्पर पूरक हैं। उन्होंने मातृभाषा के संरक्षण और घरों में स्थानीय भाषा के प्रयोग पर बल दिया। साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र अब नई प्रगति की दिशा में अग्रसर है।
सम्मेलन में भाषा नीति के आधुनिकीकरण, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से राजभाषा कार्यान्वयन को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।
त्रिपुरा के लिए अहम आयोजन
त्रिपुरा में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित होने से राज्य की राजभाषा गतिविधियों को नई गति मिली है। इसे प्रशासनिक तंत्र में हिंदी और भारतीय भाषाओं के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।