Ranchi : नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो गई है। गैर-दलीय आधार पर हो रहे इस चुनाव में महापौर से लेकर वार्ड पार्षद तक चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी कार्यकर्ताओं की संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक है। इसी कारण पार्टी असमंजस की स्थिति में नजर आ रही है।
इस स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में कोर कमिटी की बैठक हुई, जिसमें शीर्ष नेताओं ने घंटों मंथन किया। बैठक में राज्य के सभी 48 नगर निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के नामों और संभावनाओं पर चर्चा की गई।
प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में बनी रणनीति
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में हुई इस बैठक में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, दीपक प्रकाश और रवींद्र राय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जहां कई दावेदार, वहां संगठन करेगा समन्वय
बैठक में यह सहमति बनी कि जिन नगर निकायों में महापौर या अध्यक्ष पद के लिए एक से अधिक दावेदार हैं, वहां संगठन की ओर से अप्रत्यक्ष रूप से समन्वय की कोशिश की जाएगी। पार्टी नेतृत्व दावेदारों से बातचीत कर किसी एक नाम पर सहमति बनाने का प्रयास करेगा, ताकि आपसी टकराव से बचा जा सके।
गैर-दलीय चुनाव, लेकिन भाजपा की नजर बनी हुई
बैठक के बाद सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि भले ही नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन एक राजनीतिक दल होने के नाते भाजपा की इस चुनाव पर पूरी नजर है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की गई है।
कार्यकर्ताओं की भागीदारी स्वाभाविक : मधु कोड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में कार्यकर्ताओं की दावेदारी स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे सहमति या असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कोड़ा ने कहा कि प्रयास यही है कि आपसी समन्वय के साथ कार्यकर्ता चुनाव मैदान में उतरें। उन्होंने यह भी माना कि चुनाव गैर-दलीय होने के बावजूद पार्टी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है।