Patna : बिहार की मोकामा विधानसभा सीट से विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को अपने पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में उनका माइक बंद रहा, लेकिन इसके बावजूद अनंत सिंह ने पूरे आत्मविश्वास के साथ शपथ पूरी की। उन्होंने भारत के संविधान, देश की प्रभुता और अखंडता के प्रति निष्ठा तथा विधायक के रूप में अपने कर्तव्यों के ईमानदार निर्वहन की शपथ ली।
दुलार चंद यादव हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद गिरफ्तारी के चलते उनका शपथ ग्रहण पहले नहीं हो सका था। अदालत से मिली अनुमति के बाद उन्होंने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के समक्ष विधायक पद की शपथ ली। अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीने से बेउर जेल में बंद हैं। ऐसे में उनका शपथ ग्रहण राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा। विधानसभा परिसर में शपथ को लेकर खास हलचल देखने को मिली।

शपथ ग्रहण का यह दृश्य इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि अनंत सिंह ने बिना किसी कागज को देखे शपथ पढ़ी। आमतौर पर कई बार मंत्री और विधायक रह चुके जनप्रतिनिधि भी कागज देखकर शपथ लेते हैं और कई बार जुबान लड़खड़ा जाती है, लेकिन खुद को सार्वजनिक मंचों पर अनपढ़ कहने वाले अनंत सिंह ने बिना देखे पूरी शपथ दोहराई। शपथ के बाद उन्होंने संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी किए।
इसके बाद अनंत सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात की और फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने सदन के भीतर मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनंत सिंह के तिलक के बारे में सवाल किया। इसके बाद अनंत सिंह अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
करीब दस मिनट तक विधानसभा में रहने के बाद अनंत सिंह फिर से विधानसभा परिसर से बाहर निकले और जेल के लिए रवाना हो गए। विधानसभा से निकलते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और सौ प्रतिशत न्याय मिलने की संभावना है। विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष अब बोलने लायक नहीं है और तेजस्वी यादव को अब किसी और पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा। हालांकि, नीट छात्रा रेप-हत्या मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
बताया गया है कि अनंत सिंह को बेऊर जेल से एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से शपथ लेने में देरी हुई। जब उनसे पूछा गया कि वे मोकामा की जनता से कब मिलेंगे, तो उन्होंने कहा कि जब जज चाहेंगे, तभी वे जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जमानत के लिए आवेदन किया गया है।
शपथ ग्रहण के दिन अनंत सिंह हमेशा की तरह सफेद पैंट-शर्ट और काले कोट में नजर आए। विधानसभा के बाहर बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे। उन्हें देखने और तस्वीर लेने के लिए लोगों की भीड़ भी जुटी रही। कुछ लोग अनंत सिंह के साथ सेल्फी लेने की कोशिश करते दिखे, हालांकि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
जानकारी के मुताबिक, अदालत ने अनंत सिंह को केवल शपथ ग्रहण के लिए ही विधानसभा आने की अनुमति दी थी। दुलारचंद यादव हत्याकांड में फिलहाल उन्हें जमानत नहीं मिली है।