वेतनभोगियों और छोटे करदाताओं को राहत, LRS पर TCS घटा, टैक्स सिस्टम होगा ज्यादा सरल और पारदर्शी

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसके तहत आयकर से जुड़े नियमों को पहले की तुलना में अधिक सरल, स्पष्ट और पारदर्शी बनाया गया है।वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम भी प्रस्तावित की गई है, जिससे टैक्स अनुपालन आसान होगा और विवाद कम होंगे।
आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी
टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे करदाताओं को लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार, आयकर फॉर्म को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल व यूजर-फ्रेंडली किया गया है। हालांकि, इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राजकोषीय घाटा और वित्तीय अनुशासन
वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि सरकार ने 2021-22 में किए गए अपने वादे पूरे किए हैं। बजट अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है,जबकि 2026-27 में यह घटकर 4.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है।सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को गति देने पर है।
राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ की ग्रांट
बजट में राज्यों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी।
LRS के तहत TCS में बड़ी राहत
आम लोगों को सीधा फायदा पहुंचाने वाले कदम के तहत सरकार ने TCS दरों में कटौती की है। उदारीकृत प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme – LRS) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला TCS 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो शिक्षा या चिकित्सा कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं।
TDS नियमों में स्पष्टता
टैक्स नियमों में भ्रम दूर करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति को अब ठेकेदारों को किए गए भुगतानों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।इसके तहत इन सेवाओं पर केवल 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत TDS लगेगा, जिससे कारोबारियों और श्रमिकों, दोनों को सुविधा मिलेगी।