झारखंड के पारंपरिक खनिजों के साथ-साथ महत्वपूर्ण एवं उच्च मूल्य वाले खनिजों की खोज पर भी फोकस जारी हो चुकी है। झारखंड में खनिज अन्वेषण को आधुनिक एवं तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने का तैयारी किया जा रहा है, जिसके जरिये पुराने एवं नए भूविज्ञानिक आंकड़ों का तेजी से विश्लेषण कर उन्हें क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिल जाएगी, जिससे खनिज मिलने की संभावनाएं भी अधिक हैं।
खनिज अन्वेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पुराने सर्वेक्षण रिकॉर्ड, भूविज्ञानिक आंकड़े, सैटेलाइट तस्वीरों एवं अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी भौगोलिक जानकारी का एक साथ विश्लेषण किया जाएगा। इससे ऐसे क्षेत्रों की पहचान में मदद मिलेगी जहां पहले खनिज अन्वेषण नहीं हुआ हो या सीमित स्तर पर ही हुआ हो। इससे खनिज खोज की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित बनाने की उम्मीद भी जताई गई है। झारखंड सरकार अब कोयला आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर क्रिटिकल एवं हाई वैल्यू मिनरल्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है, जिसमें लिथियम, यूरेनियम, टाइटेनियम एवं वैनैडियम जैसे खनिज शामिल हैं, जिन खनिजों को भविष्य की ऊर्जा, तकनीक एवं रणनीतिक जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।