झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है, जिसमें, विधानसभा घेराव के दौरान, पुलिस कार्रवाई के विरोध में रिफॉर्म्स मार्च ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्र नेताओं का यह दावा है कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए रांची पहुंचे हजारों छात्र शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनके अनुसार, सुबह से शाम करीब 5:30 बजे तक प्रदर्शन के दौरान, प्रशासन की ओर से सहयोग किया गया, लेकिन, शाम में अचानक पुलिस ने प्रदर्शन कार्यों को हटाने के लिए लाठी चार्ज शुरू किया।
मंच के नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारी छात्र सरकार से अपनी मांगों पर स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे थे एवं सड़क पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हुए थे। इसी दौरान, पुलिस ने अचानक कार्रवाई शुरू कर दी, जिस पर, छात्रों का यह दावा है कि इस दौरान, कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए और कुछ छात्रों को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है।
छात्र नेताओं ने आंदोलन से जुड़े छात्र नेता पीयूष के साथ मारपीट किए जाने और एक अन्य छात्र नेता को कुछ समय के लिए हिरासत में लिए जाने का भी आरोप लगाया।
जेपीएससी एवं जेएसएससी रिफॉर्म्स मार्च में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संवाद एवं बातचीत के दावों पर सवाल उठाते हुए या कहा कि एक और सरकार बातचीत की बात कर रही है जबकि दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र पर पुलिस बल का इस्तेमाल करवा रही है।
छात्रों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक छात्रों की मांग पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगी। उनका कहना है कि आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा जल्द कर दी जाएगी और यह चेतावनी दिया है कि झारखंड सरकार का रवैया नहीं बदला तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी तेज कर दिया जाएगा।