झारखंड में जनगणना को लेकर सियासत तेज, OBC डेटा और सरना कोड पर विवाद

Anand Kumar
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प्रतीकात्मक इमेज

Ranchi : जनगणना 2026-27 के पहले चरण को लेकर झारखंड में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टियों झामुमो, कांग्रेस और राजद ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। विवाद की वजह यह है कि पहले चरण में जुटाई जाने वाली जानकारी में OBC वर्ग के लिए अलग से कोई डेटा शामिल नहीं है, वहीं सरना धर्म कोड को भी जगह नहीं दी गई है।

दरअसल, जनगणना के पहले चरण में देशभर में 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जानी है। इसमें मकान, परिवार और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल है, लेकिन सामाजिक संरचना के लिहाज से OBC की अलग पहचान नहीं की जा रही है। यही बात विपक्ष के निशाने पर है।

जनगणना

झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि यह शुरुआत से ही भेदभावपूर्ण प्रक्रिया है। उनका कहना है कि SC-ST के लिए अलग से कई जानकारियां ली जा रही हैं, लेकिन OBC को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ कदम बताया।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि OBC की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का डेटा ही नहीं लिया जाएगा, तो फिर हिस्सेदारी का आधार क्या होगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ झारखंड नहीं, पूरे देश का मुद्दा है और पार्टी इस पर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाएगी।

मुख्य बिंदु

  • जनगणना 2026-27 के पहले चरण में 33 बिंदुओं पर डेटा संग्रह
  • OBC के लिए अलग डेटा शामिल नहीं
  • सरना धर्म कोड भी सूची में नहीं
  • झामुमो, कांग्रेस और राजद ने केंद्र पर साधा निशाना
  • भाजपा ने कहा—जातीय जनगणना का वादा पूरा होगा
  • झारखंड में मई से शुरू होगा सर्वे

राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि जनगणना में OBC के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जातीय जनगणना के साथ OBC समुदाय की पूरी जानकारी एकत्रित की जानी चाहिए।

वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए धैर्य रखने की सलाह दी है। प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जातीय जनगणना कराने का वादा किया है और सरकार उसे जरूर पूरा करेगी।

जनगणना के पहले चरण में 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी, जिसमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी-बिजली जैसी सुविधाएं और परिवार की संपत्ति से जुड़े सवाल शामिल हैं। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगी, जबकि झारखंड में मई महीने से सर्वे शुरू होने की संभावना है।

स्रोत – ईटीवी झारखंड

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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