चार माह से सचिव का पद खाली, एमडी/सीएमडी भी नहीं, फिर भी विभाग का चलना प्रबंधन का कमाल
Ranchi/Jamshedpur : झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग में बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका सामने आई है। जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा विभाग की करीब 160 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह राशि केनरा बैंक सहित एक अन्य बैंक में जमा कराई गई थी।
विधायक के अनुसार, जब एफडी की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद विभागीय अधिकारी राशि निकालने संबंधित बैंकों में पहुंचे, तो उन्हें चौंकाने वाला जवाब मिला। बैंकों ने स्पष्ट कर दिया कि उनके यहां ऊर्जा विभाग के नाम से कोई एफडी शेष नहीं है।
बैंक के जवाब से बढ़ा संदेह
सरयू राय ने कहा कि बैंकों के इस जवाब ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एफडी थी ही नहीं या पहले ही निकाल ली गई थी, तो राशि किसने और किसके आदेश पर निकाली। इस प्रकरण में विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
उन्होंने इसे झारखंड के इतिहास का संभावित बड़ा वित्तीय घोटाला करार देते हुए कहा कि 160 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि का इस तरह से गायब होना सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं हो सकती। इसके पीछे सुनियोजित साजिश या गंभीर लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऊर्जा विभाग,झारखंड सरकार की ₹160 करोड़ की एफ़डी ग़ायब है!विभाग ने यह एफ़डी केनारा बैंक एवं एक अन्य बैंक में किया था.परिपक्वता तिथि आने पर अधिकारी जमा निधि निकालने बैंक गए तो बैंकों ने कहा कि उनके यहां विभाग की कोई एफ़डी शेष नहीं बची है.पैसा किसने निकाला?@HemantSorenJMM जाँच कराए
— Saryu Roy (@roysaryu) January 31, 2026
मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग
विधायक सरयू राय ने इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में लाते हुए मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो सरकारी धन की लूट से जुड़े ऐसे मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
छत्तीसगढ़ के बैंकों में राशि जमा होने का दावा
सरयू राय ने अपनी जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि इस राशि का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ के बैंकों में जमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बिना इस तरह के वित्तीय लेन-देन हुए हैं, तो यह गंभीर घोटाले का मामला बनता है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।
झारखंड सरकार का ऊर्जा विभाग गत चार माह से अधिक समय से बिना सचिव के चल रहा है,कोई प्रभारी भी नहीं है. होल्डिंग कंपनी ऊर्जा विकास निगम में सीएमडी नहीं है,वितरण में एमडी नहीं है. फिर भी विभाग चल रहा है, विभाग का बजट बन रहा है. विभाग उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है, प्रबंधन का कमाल है.
— Saryu Roy (@roysaryu) January 31, 2026
चार माह से सचिव नहीं, एमडी/सीएमडी भी नहीं
एक अन्य ट्वीट में सरयू राय ने लिखा है कि ” झारखंड सरकार का ऊर्जा विभाग गत चार माह से अधिक समय से बिना सचिव के चल रहा है। कोई प्रभारी भी नहीं है। होल्डिंग कंपनी ऊर्जा विकास निगम में सीएमडी नहीं है। वितरण में एमडी नहीं है। फिर भी विभाग चल रहा है। विभाग का बजट बन रहा है। विभाग उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रबंधन का कमाल है।
ऊर्जा विभाग की ओर से बयान नहीं
उधर, ऊर्जा विभाग की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वित्त मंत्री से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।