ऊर्जा विभाग की 160 करोड़ की एफडी गायब? सरयू राय ने जताई बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका

Anand Kumar
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सरयू राय

चार माह से सचिव का पद खाली, एमडी/सीएमडी भी नहीं, फिर भी विभाग का चलना प्रबंधन का कमाल

Ranchi/Jamshedpur : झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग में बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका सामने आई है। जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया है कि ऊर्जा विभाग की करीब 160 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) रहस्यमय तरीके से गायब हो गई है। यह राशि केनरा बैंक सहित एक अन्य बैंक में जमा कराई गई थी।

विधायक के अनुसार, जब एफडी की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद विभागीय अधिकारी राशि निकालने संबंधित बैंकों में पहुंचे, तो उन्हें चौंकाने वाला जवाब मिला। बैंकों ने स्पष्ट कर दिया कि उनके यहां ऊर्जा विभाग के नाम से कोई एफडी शेष नहीं है।

बैंक के जवाब से बढ़ा संदेह

सरयू राय ने कहा कि बैंकों के इस जवाब ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एफडी थी ही नहीं या पहले ही निकाल ली गई थी, तो राशि किसने और किसके आदेश पर निकाली। इस प्रकरण में विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।

उन्होंने इसे झारखंड के इतिहास का संभावित बड़ा वित्तीय घोटाला करार देते हुए कहा कि 160 करोड़ रुपये जैसी बड़ी राशि का इस तरह से गायब होना सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं हो सकती। इसके पीछे सुनियोजित साजिश या गंभीर लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

विधायक सरयू राय ने इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में लाते हुए मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो सरकारी धन की लूट से जुड़े ऐसे मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी मांग की कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

छत्तीसगढ़ के बैंकों में राशि जमा होने का दावा

सरयू राय ने अपनी जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि इस राशि का कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ के बैंकों में जमा कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बिना इस तरह के वित्तीय लेन-देन हुए हैं, तो यह गंभीर घोटाले का मामला बनता है और इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए।

चार माह से सचिव नहीं, एमडी/सीएमडी भी नहीं

एक अन्य ट्वीट में सरयू राय ने लिखा है कि ” झारखंड सरकार का ऊर्जा विभाग गत चार माह से अधिक समय से बिना सचिव के चल रहा है। कोई प्रभारी भी नहीं है। होल्डिंग कंपनी ऊर्जा विकास निगम में सीएमडी नहीं है। वितरण में एमडी नहीं है। फिर भी विभाग चल रहा है। विभाग का बजट बन रहा है। विभाग उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रबंधन का कमाल है।

ऊर्जा विभाग की ओर से बयान नहीं

उधर, ऊर्जा विभाग की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वित्त मंत्री से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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