20 जनवरी को होगा झारखंड पवेलियन का उद्घाटन, प्रमुख कंपनियों के लीडर्स से होगी मुलाकात
Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच ( WEF 2026) की वार्षिक बैठक में भाग ले रहा है। यह झारखंड के लिए ऐतिहासिक मौका है, जहां राज्य 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य झारखंड को एक स्थिर, पर्यावरण-अनुकूल और समावेशी विकास वाला राज्य के रूप में पेश करना है। राज्य वैश्विक मुद्दों जैसे ऊर्जा परिवर्तन, सतत विकास, औद्योगिक उन्नति और समावेशी प्रगति पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाएगा।
प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास – झारखंड की मूल नीति
झारखंड इस वैश्विक मंच पर “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” की अपनी दृष्टि को प्रमुखता से रखेगा। यह दृष्टिकोण आर्थिक तरक्की को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और दीर्घकालिक स्थिरता से जोड़ता है। राज्य के 25 वर्ष पूरे होने पर झारखंड खुद को सिर्फ खनिज संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि बेहतर शासन, नीतिगत सुधारों और भविष्योन्मुखी विकास का मॉडल बताएगा।
वैश्विक CEOs और संस्थानों से महत्वपूर्ण बैठकें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस में कई प्रमुख कंपनियों के नेताओं से मुलाकात करेंगे, जिनमें टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप और एवरस्टोन ग्रुप शामिल हैं। इसके अलावा स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की व्यापार परिषदों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा होगी।इन बैठकों में फोकस रहेगा:
- टिकाऊ उद्योग और हरित ऊर्जा
- महत्वपूर्ण खनिजों का जिम्मेदार उपयोग
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
- डिजिटल तकनीक
- जलवायु-अनुकूल औद्योगिक विकास
CM उच्च-स्तरीय पैनल चर्चाओं और मंत्रिस्तरीय संवादों में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे भारत की ऊर्जा परिवर्तन, क्षेत्रीय नेतृत्व और मजबूत सप्लाई चेन में भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। राज्य स्तर पर भूमि, श्रम, संसाधन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के समाधान कैसे वैश्विक स्तर पर योगदान देते हैं, यह भी बताया जाएगा।
झारखंड पेवेलियन का उद्घाटन – निवेश का प्रमुख मंच
20 जनवरी 2026 को झारखंड पेवेलियन का उद्घाटन होगा, जो भारत पेवेलियन के अंदर स्थित होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश क्षमता, नीतिगत बदलावों और विजन 2050 की योजनाओं को प्रदर्शित करने का विशेष स्थान होगा। यहां से झारखंड अपनी खनन-आधारित पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्य संवर्धन, जिम्मेदार संसाधन उपयोग और समावेशी रोजगार सृजन की कहानी दुनिया को सुनाएगा।
जनता, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित विकास मॉडल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट मानना है कि झारखंड का विकास लोगों, पर्यावरण और स्थिरता पर टिका होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, समुदाय भागीदारी, महिला-नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।
दावोस में वैश्विक और भारतीय मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड यह संदेश देगा कि जिम्मेदारी के बिना विकास अधूरा है। बढ़ती ऊर्जा, संसाधन और प्रतिभा की मांग में झारखंड पारदर्शी, स्थिर और मूल्य-प्रदाता भागीदार के रूप में उभर रहा है। यह WEF 2026 में झारखंड की भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 25 वर्षीय युवा राज्य आत्मविश्वास से वैश्विक मंच पर खड़ा हो रहा है और “प्रकृति के साथ संतुलन” के सिद्धांत पर आधारित सतत, समावेशी विकास के नए युग की शुरुआत कर रहा है।
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