बिहार की राजनीति में ट्विस्ट! नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा नामांकन, उत्तराधिकार और नेतृत्व पर सस्पेंस गहराया

Anand Kumar
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य एनडीए नेताओं की उपस्थिति में चुनाव अधिकारी को अपना राज्यसभा नामांकन पत्र सौंपते हुए।

Patna : बिहार की राजनीति में आज एक ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार अपनी राज्यसभा जाने की इच्छा को हकीकत में बदलते हुए, गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। यह कदम न केवल बिहार सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जेडीयू के उत्तराधिकार को लेकर भी सस्पेंस गहरा गया है।

नीतीश का ‘X’ पर ऐलान और जेडीयू कार्यकर्ताओं का आक्रोश

नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करके राज्यसभा जाने की अपनी इच्छा को सार्वजनिक किया था। उन्होंने लिखा, “संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।” उन्होंने साथ ही बिहार की नई सरकार को अपना पूरा समर्थन देने का वादा भी किया।

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इस ऐलान के साथ ही पटना की सड़कों पर भारी हंगामा देखने को मिला। जेडीयू कार्यकर्ता इस फैसले से बेहद नाराज हैं और सीएम हाउस के बाहर रो-रोकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी और संजय झा के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और विधायक प्रेम मुखिया को सीएम हाउस जाने से रोक दिया और उन्हें बैरंग लौटा दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे नीतीश कुमार को कहीं नहीं जाने देंगे।

शाह-नीतीश मुलाकात और नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा

नामांकन की प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। नामांकन से पहले सीएम आवास में शाह और नीतीश के बीच मुलाकात हुई, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा हुई।

एनडीए की ओर से सभी पांच सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए गए हैं। एनडीए गठबंधन में जेडीयू और बीजेपी को दो-दो सीटें मिली हैं, जबकि एक सीट आरएलएम को मिली है। उपेंद्र कुशवाहा ने भी नामांकन भर दिया है।

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विपक्ष के तीखे आरोप: ‘ऑपरेशन लोटस’ और बीजेपी की साजिश

विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बीजेपी काफी दिनों से यह खेल करना चाह रही थी और नीतीश कुमार पर काफी वक्त से दबाव था। कांग्रेस के प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि बीजेपी के इशारे पर नीतीश कुमार के विश्वास पात्र मंत्रियों ने उन्हें सीएम हाउस में कैद कर लिया है और बीजेपी अब उनकी पार्टी को गिरवी रख चुकी है।

रोहिणी आचार्य ने भी नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा, “अपनों के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी .. खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हक़दार हैं।”

निशांत कुमार की एंट्री: उत्तराधिकार का सस्पेंस

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और अहम खबर सामने आई है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी नॉमिनेशन रिसीप्ट (NR) कटा है, जिससे उनके सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें लगभग तय मानी जा रही हैं। पार्टी ने अब तक उनके नाम का खंडन नहीं किया है और जेडीयू के कई नेता भी यह कह चुके हैं कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए।

क्या निशांत कुमार जेडीयू के नए उत्तराधिकारी होंगे? यह एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब भविष्य की राजनीति में ही मिलेगा। जेडीयू के भीतर की गुटबाजी और ललन सिंह व संजय झा के खिलाफ कार्यकर्ताओं का गुस्सा भी पार्टी के भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है।

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बिहार की राजनीति का एक नया अध्याय

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का फैसला बिहार की राजनीति के लिए एक नया अध्याय है। नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर चर्चा, जेडीयू के भीतर की गुटबाजी और उत्तराधिकार का सस्पेंस, इन सभी सवालों के जवाब भविष्य की राजनीति में ही मिलेंगे। ‘जन-मन की बात’ इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेगी।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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