भारत निर्माण उपकरण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है, जिससे वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्माण उपकरण बाजार बन चुका है। देश में बुनियादी ढांचों के विकास, सड़क निर्माण, शहरीकरण एवं विभिन्न करी परियोजनाओं के बढ़ते विस्तार के कारण निर्माण उपकरणों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। उद्योग जगत के अनुसार भारत का निर्माण उपकरण बाजार आने वाले वर्षों में और भी तेजी से बढ़ सकता है, जिसका अनुमान है कि वर्ष 2023 तक देश का निर्माण उपकरण बाजार करीब 15 डॉलर अरब तक पहुंच जाएगा।
बढ़ते सरकारी निवेश एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को इस वृद्धि का प्रमुख आधार माना जा रहा है, जिससे देश में सड़क, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, बंदरगाह, हवाई अड्डे एवं शहरीकरण की शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर बड़े स्तर पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में अर्थ मूविंग मशीनरी, क्रेन, रोड कंस्ट्रक्शन उपकरण एवं अन्य भारी मशीनों की आवश्यकता होती है, जिससे निर्माण उपकरण उद्योग को लगातार बढ़ावा मिलता है। इसी के साथ भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण और आवासीय एवं व्यावसायिक निर्माण गतिविधियों ने भी इस क्षेत्र की मांग को और भी मजबूत कर दिया है।