लंबे समय से कंपनी से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ गुहार लगा रहे हैं स्थानीय लोग

Ranchi : रामगढ़ जिले में औद्योगिक प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए डिप्टी कमिश्नर फैज अक अहमद मुमताज ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले की एक प्रमुख निजी कंपनी बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी जरूरी कार्रवाइयों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया गया है। कंपनी को सात दिनों के अंदर रिपोर्ट जमा करनी होगी, जिसमें पिछले सात दिनों की तीन शिफ्टों की एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) डिजिटल मीटर रीडिंग भी शामिल होनी चाहिए
क्या है पूरा मामला?
उपायुक्त कार्यालय को शिकायत मिली थी कि कंपनी से निकलने वाला प्रदूषण आसपास के आवासीय इलाकों और कृषि भूमि को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदूषण से राहत की मांग करते हुए उपायुक्त को आवेदन दिया था। आवेदनों के साथ प्रदूषण के सबूत के रूप में वीडियो और फोटो भी संलग्न किए गए थे। पहले भी कंपनी को चेतावनी दी गई थी। प्रदूषण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने, स्थायी समाधान निकालने और डिजिटल मीटर लगाकर लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया था। मीटर की रीडिंग वाली रिपोर्ट भी मांगी गई थी, लेकिन कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी। इस लापरवाही पर उपायुक्त ने अब सख्ती दिखाई है। डीसी फैज अक अहमद मुमताज ने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के अंदर अब तक की गई प्रदूषण नियंत्रण कार्रवाइयों की पूरी डिटेल रिपोर्ट सौंपें। रिपोर्ट में विगत सात दिनों की तीन पालियों (शिफ्टों) की एक्यूआई रीडिंग अनिवार्य रूप से शामिल होनी चाहिए।
प्रदूषण का असर और आगे की कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी से निकलने वाला धुआं, धूल और अन्य प्रदूषक फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा रहे हैं। डीसी का यह कदम जिले में औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक मजबूत संदेश है। अगर कंपनी समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपती या संतोषजनक कार्रवाई नहीं करती, तो आगे सख्त एक्शन लिया जा सकता है।रामगढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है।
पूर्व विधायक ने दी थी चेतावनी
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने सोमवार को ऐलान किया था कि रामगढ़ में बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग लिमिटेड (बीएफसीएल) से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे 20 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने रामगढ़ उपायुक्त को इस संबंध में लिखित शिकायत भी सौंप दी है। शंकर चौधरी ने बताया कि बीएफसीएल से निकलने वाला धुआं और धूल आसपास के कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। रांची रोड, मरार, भरेच नगर, नईसराय, हेसला और आसपास के गांवों के अलावा शहरी क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। फसलें खराब हो रही हैं, स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जिंदल के बाद रामगढ़ की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाई बीएफसीएल है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।