हजारीबाग के केरेडारी में कोयला ट्रांसपोर्टिंग रोड पर रातोंरात खड़ी करायी दीवार, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कुर्सी लगाकर बैठे, लगी वाहनों की कतार

Anand Kumar
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Hazaribag : : बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र में एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना को लेकर रैयतों और कंपनी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर उभर आया है। ताजा घटना केरेडारी प्रखंड के जोरदाग गांव की है, जहां 1 जनवरी की रात अज्ञात लोगों ने कोयला ट्रांसपोर्टिंग के मुख्य मार्ग पर ईंट-सीमेंट से करीब पांच फीट ऊंची मजबूत बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। कुछ रिपोर्ट्स में यह दीवार पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आवास के सामने बनी बताई जा रही है।

नए साल की छुट्टी का फायदा उठाकर यह निर्माण रात के अंधेरे में किया गया, जब क्षेत्र में परिवहन कार्य पूरी तरह बंद था। सुबह जब कोयला लादे हाइवा ट्रक निकले तो ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों को बीच सड़क पर यह अवरोध दिखा। दोनों तरफ से मार्ग बंद होने से सैकड़ों भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई, और कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई।

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स्थानीय रैयतों का आरोप है कि एनटीपीसी ने कोयला परिवहन के लिए वैकल्पिक सड़क का निर्माण अब तक नहीं किया। मजबूरी में भारी वाहनों का संचालन ग्रामीण सड़कों से हो रहा है, जिससे सड़कें जगह-जगह गड्ढों से भर गई हैं और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। रोजाना धूल, कंपन, शोर और प्रदूषण से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। जब ट्रांसपोर्टर और चालक दीवार हटाने पहुंचे तो पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कुर्सी लगाकर मौके पर बैठ गए और इसका विरोध किया। क्षेत्र में लंबे समय से जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर तनाव बना हुआ है। ट्रांसपोर्टरों ने इसे जानबूझकर किया गया अवरोध बताया और प्रशासन से तुरंत मार्ग खुलवाने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि मार्ग जल्द नहीं खुला तो एनटीपीसी की कोयला सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ेगा। यह विवाद पुराना है, जहां रैयत वैकल्पिक सड़क और बेहतर मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि कंपनी परियोजना को आगे बढ़ाने में जुटी है। आगे की जांच से साफ होगा कि यह दीवार किसके इशारे पर बनी।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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