हेमंत कैबिनेट के 22 अहम फैसले : नर्सिंग छात्रों को राहत, नेतरहाट में नियुक्ति अब JPSC-JSSC से, अबुआ आवास का प्रस्ताव लौटा

Anand Kumar
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Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय निजी नर्सिंग कॉलेजों में नामांकित छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देना, नेतरहाट आवासीय विद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और चाईबासा क्षेत्र में अबुआ आवास निर्माण प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए लौटाना शामिल है।

नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण औपचारिक ब्रीफिंग नहीं की गई, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार कई नीतिगत फैसलों पर सहमति बनी है।


निजी नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा की अनुमति

राज्य के कुछ निजी नर्सिंग कॉलेजों में झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा पर्षद (JCECEB) की निर्धारित काउंसिलिंग प्रक्रिया के बिना ही छात्रों का नामांकन कर लिया गया था। तकनीकी मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) की ओर से ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।

कैबिनेट ने एक बार के लिए नियमों को शिथिल करते हुए ऐसे छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिनका शैक्षणिक भविष्य अनिश्चित स्थिति में था।

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क्या है इसका महत्व?

  • छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बच सकेगा
  • नर्सिंग शिक्षा से जुड़े संस्थानों में अनिश्चितता कम होगी
  • राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता प्रभावित नहीं होगी

हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया और मान्यता मानकों का पालन अनिवार्य होगा।


नेतरहाट आवासीय विद्यालय में भर्ती अब JPSC/JSSC के माध्यम से

कैबिनेट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय की नियुक्ति नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। अब विद्यालय के प्राचार्य, उप-प्राचार्य, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति Jharkhand Public Service Commission (JPSC) या Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) के माध्यम से की जाएगी।

जनवरी में स्वीकृत संचालन नियमावली के तहत चार स्तरीय संरचना बनाई गई थी:

  • एपेक्स बॉडी – मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में
  • जनरल बॉडी – विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में
  • कार्यकारिणी समिति – सभापति की अध्यक्षता में
  • विद्यालय प्रबंधन समिति

नए संशोधन के अनुसार सभापति एक्स-नेतरहाटीयन होंगे और उनके लिए निर्धारित योग्यता मानदंड तय किए गए हैं। इस बदलाव को नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत मजबूती की दिशा में कदम माना जा रहा है।


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अबुआ आवास निर्माण प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए लौटाया

कैबिनेट बैठक में चाईबासा क्षेत्र में अबुआ आवास निर्माण से संबंधित प्रस्ताव भी रखा गया। प्रस्ताव में एस्बेस्टस और शीट आधारित निर्माण सामग्री के उपयोग का उल्लेख था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्थगित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया।

निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र के लोगों की जीवन शैली और जलवायु को ध्यान में रखते हुए खपड़ा, टाइल्स या स्थानीय निर्माण सामग्री के उपयोग पर विचार किया जाए। इस निर्णय को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप आवास नीति तैयार करने की दिशा में कदम माना जा रहा है।


व्यापक प्रशासनिक संकेत

कैबिनेट के इन फैसलों से तीन प्रमुख संकेत मिलते हैं:

  1. शिक्षा क्षेत्र में तात्कालिक राहत के साथ नियमन पर जोर
  2. भर्ती प्रक्रिया में संस्थागत पारदर्शिता
  3. ग्रामीण आवास योजनाओं में स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता

विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्णयों का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन की गति और प्रशासनिक निगरानी पर निर्भर करेगा।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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