Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे बालू और मिट्टी के नीचे दबा एक विशाल बम बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। गैस सिलेंडर के आकार के इस बम की पहचान ‘अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस’ के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में बम पर AN-M64 मॉडल अंकित मिला है, जिसका वजन करीब 500 पाउंड (लगभग 227 किलोग्राम) बताया जा रहा है। बम पर “American Made” भी लिखा हुआ है।
अवैध बालू खनन के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, नदी किनारे बालू खनन के दौरान एक मजदूर को मिट्टी में दबा लोहे का भारी टुकड़ा दिखाई दिया। जब उसे बाहर निकालने के लिए खुदाई की गई तो सिलेंडरनुमा बम सामने आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल में अधिक बारिश के कारण नदी की धारा में बदलाव हुआ, जिससे यह बम बहकर इस स्थान तक पहुंचा हो सकता है।
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बम निरोधक दस्ते ने जताई असमर्थता
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने प्रारंभिक निरीक्षण के बाद इसे अत्यधिक खतरनाक बताया। टीम के अनुसार, यह बम अत्यधिक शक्तिशाली है और इसे निष्क्रिय करने का काम सेना द्वारा ही किया जा सकता है।
प्रशासन ने इलाके को किया सील
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तत्काल इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया है।
बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि:
- मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है
- आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है
- बम के पास जाने या छेड़छाड़ करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है

द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ाव की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह बम काफी पुराना हो सकता है और इसके द्वितीय विश्व युद्ध काल का होने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि महुलडांगरी क्षेत्र के पास पूर्व में एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। आशंका है कि यह बम उसी विमान का हिस्सा हो सकता है, जो उस समय नदी की मिट्टी में दब गया था और विस्फोट नहीं हुआ।
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सेना और विशेषज्ञों की मदद से होगा निष्क्रिय
बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए प्रशासन ने दो स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है:
- रांची से विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है
- तकनीकी सहायता के लिए कलाईकुंडा एयरबेस को पत्र भेजा गया है
विशेषज्ञों के अनुसार, 500 पाउंड का यह बम अगर विस्फोट करता, तो कई सौ मीटर के दायरे में भारी नुकसान हो सकता था।