Chatra/Ranchi : झारखंड में अलग-अलग जिलों में रिश्वत मांगने और लेने के मामलों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक के बाद एक दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। चतरा में जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राम प्रकाश वर्मा को वेतन भुगतान के एवज में घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि रांची जिले के बुंडू प्रखंड में स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगरनाथ गोप को धर दबोचा गया है।
वेतन के बदले रिश्वत : चतरा में जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी गिरफ्तार
चतरा जिले में आयुष विभाग से जुड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. प्रिया कुमारी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग के समक्ष आवेदन देकर शिकायत की थी कि जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उन्हें हर माह वेतन भुगतान के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में बताया गया कि चार माह का वेतन खाते में आने के बाद कुल 20 हजार रुपये की मांग की गई।
शिकायत का विधिवत सत्यापन कराया गया, जिसमें प्रथम किस्त के रूप में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके आधार पर ACB हजारीबाग थाना में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद गठित ट्रैप टीम ने 3 फरवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राम प्रकाश वर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
स्वच्छ भारत मिशन में घूसखोरी: बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर धराया
इधर रांची जिले के बुंडू प्रखंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए कार्यों के भुगतान को लेकर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। परिवादी शाहिद रजा ने ACB रांची में शिकायत दर्ज कराई थी कि जल एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न पंचायतों में नाली और सोकपिट निर्माण कार्यों के भुगतान के एवज में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर द्वारा 1 लाख 81 हजार 475 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया। ACB की टीम ने जाल बिछाकर 2 फरवरी 2026 को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, अवर प्रमंडल, बुंडू परिसर से ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगरनाथ गोप को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भी आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
लगातार कार्रवाई से सख्त संदेश
चतरा और बुंडू में हुई इन दो कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिला है कि सरकारी योजनाओं और कर्मचारियों से जुड़े भ्रष्टाचार पर ACB की नजर लगातार बनी हुई है। वेतन भुगतान हो या विकास योजनाओं का बिल—घूसखोरी के मामलों में एजेंसी की सख्ती से सरकारी महकमों में हड़कंप मचा है।