रांची: निशा भगत की मौत के मामले में पिठोरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मृतका के पिता हन्दु भगत की ओर से दिए गए लिखित बयान में अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा को नामजद आरोपी बताया गया है। शिकायत में चर्च से जुड़े कुछ लोगों और जमीन के दलालों की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय को सौंपी गई है।
पिता के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी
एफआईआर के प्रथम सूचना कथन में निशा भगत के पिता हन्दु भगत ने अपनी बेटी के साथ कथित मानसिक, सामाजिक और चारित्रिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और सोशल मीडिया के माध्यम से उसके चरित्र को लेकर बदनाम करने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन परिस्थितियों से परेशान होकर उनकी बेटी ने आत्महत्या की।
पिता के लिखित बयान में अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा के नाम दर्ज हैं। शिकायत में तत्कालीन पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय और अन्य पुलिस पदाधिकारियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा चर्च से जुड़े लोगों तथा जमीन के दलालों पर भी कथित तौर पर प्रताड़ित करने और साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं।
डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय करेंगे जांच
मामले की जांच डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय को जांच पदाधिकारी बनाया गया है। पुलिस अब प्राथमिकी में दर्ज आरोपों, नामजद आरोपियों और शिकायत में उल्लेखित अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफआईआर में पिता ने की कार्रवाई की मांग
एफआईआर में दर्ज बयान के अंत में हन्दु भगत ने अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत शिकायत में उल्लेखित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई कर न्याय दिलाने का अनुरोध किया है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि एफआईआर में दर्ज आरोप शिकायतकर्ता के बयान और आरोप हैं। इनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। जिन लोगों के नाम शिकायत में आए हैं, उनकी जिम्मेदारी या दोष अभी सिद्ध नहीं हुआ है। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
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