डुमरी विधायक एवं जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो और बरवा अड्डा थाना प्रभारी के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला में एक नया मोड़ ले लिया है। विधायक जयराम महतो ने इस वायरल ऑडियो पर अपनी सफाई देते हुए ऑडियो को एडिटेड बताकर आरोप लगाया कि बातचीत के कुछ हिस्सों के साथ छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है और उनका नाम खराब किया जा रहा है। जयराम महतो मंगलवार को दुमका पहुंचे थे एवं मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वायरल ऑडियो को पूरी तरह सही मानने से इनकार कर दिया। उनका दावा है कि थाना प्रभारी के साथ उनकी बातचीत करीब 11 मिनट तक हुई थी लेकिन ऑडियो के चुनिंदा हिस्सों को काटछाट कर सार्वजनिक किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगा दिया है कि बातचीत के कुछ हिस्सों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एडिट कर वायरल किया जा रहा है एवं इसके समर्थन में उन्होंने फिलहाल कोई तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया है कि थाना प्रभारी से सख्त लहजे में बात कर रहे थे, जिसमें उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जब जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो अधिकारियों से सीधे सवाल करना उनकी जिम्मेदारी है। अब इसमें उन्होंने यह कह दिया कि जनता से जुड़े मामलों को लेकर वो पहले भी पुलिस अधिकारियों से कड़ाई से बात करते रहे हैं।
साफ है कि उन्होंने वायरल ऑडियो को विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कह दिया कि यदि वह लगातार गुस्से में या अपदिल तरीके से बात कर रहे थे तो थाना प्रभारी ने फोन क्यों नहीं काटा, जिसमें उन्होंने यह भी दावा कर दिया कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी की ओर से कही गई कई बातें भी रिकॉर्डिंग से हटा दी गई हैं। वायरल ऑडियो विवाद के बीच बरवा अड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर जयराम महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी भी सामने आ रही है, जिसमें पुलिस संगठनों ने भी मामले को लेकर जयराम महतो से माफी की मांग की है और 24 घंटे के भीतर माफी नहीं मांगने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी है।