रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने रांची में बड़ा प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। बड़ी संख्या में JMM कार्यकर्ता रांची कॉलेज मैदान से जुलूस की शक्ल में लोक भवन की ओर बढ़े। पुलिस ने लोक भवन के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
JMM ने पहले ही 30 सितंबर को लोक भवन घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था। प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से पार्टी नेता और कार्यकर्ता रांची पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। जब जुलूस लोक भवन के पास पहुंचा, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश भी की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने क्या कहा?
JMM के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी का आंदोलन केवल सड़क तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। भट्टाचार्य ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग भी की और कहा कि इस मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा।
JMM नेता के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे। पार्टी का कहना है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो INDIA ब्लॉक संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में आगे की संवैधानिक कार्रवाई पर विचार करेगा। यह बयान JMM का राजनीतिक रुख है; इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
महुआ माजी ने SIR पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगों को अपनी नागरिकता से जुड़े दस्तावेज साबित करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
JMM ने SIR की मौजूदा प्रक्रिया को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाता रहेगा।
विकास मुंडा और अमित महतो भी प्रदर्शन में शामिल
JMM विधायक विकास मुंडा ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। वहीं विधायक अमित महतो ने भी SIR प्रक्रिया से आम लोगों को होने वाली कथित परेशानी का मुद्दा उठाया और इसे तत्काल रद्द करने की मांग की।
SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक टकराव
SIR को लेकर केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी विपक्षी दलों का विरोध जारी है। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इसी मुद्दे पर INDIA ब्लॉक भी आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली का बचाव किया है। आयोग की ओर से कहा गया है कि संस्था के भीतर अलग-अलग राय होना उसकी आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम फैसले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए जाते हैं। हाल ही में आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की भी जानकारी दी है।
झारखंड में आज खत्म हो रही SIR आपत्ति की समय-सीमा
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पहले ही इस समय-सीमा को दो बार बढ़ा चुका है और अब इसे आगे बढ़ाने पर विचार नहीं है।
हालांकि, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने नोटिस जारी करने और सत्यापन की प्रक्रिया के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा है।
इस बीच रांची में JMM का प्रदर्शन SIR और चुनाव आयोग को लेकर झारखंड में बढ़ते राजनीतिक टकराव को सामने लाता है। अब देखना होगा कि JMM और INDIA ब्लॉक इस मुद्दे को आगे किस स्तर तक ले जाते हैं और चुनाव आयोग की ओर से इन राजनीतिक मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
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