दावोस में झारखंड की बेटियों की बात : कल्पना ने रखा महिला केंद्रित विकास का मॉडल

Anand Kumar
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Dawos/Ranchi : झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मू सोरेन ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड का महिला-केंद्रित विकास मॉडल वैश्विक मंच पर मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड का विकास महिलाओं की भागीदारी, गरिमा और नेतृत्व के बिना संभव नहीं है।

WEF दावोस के दौरान झारखंड सरकार ने BRICS Chamber of Commerce and Industry (BRICS CCI) के महिला अधिकारिता वर्टिकल के सहयोग से झारखंड पवेलियन में एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया। पैनल का विषय था— “महिला उद्यमिता: विकास को गति देना और एक सतत अर्थव्यवस्था का निर्माण”। इस चर्चा में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को समावेशी और टिकाऊ विकास की अनिवार्य शर्त बताया गया।

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आदिवासी मूल्यों से जुड़ा झारखंड का विकास मॉडल

कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल आदिवासी और स्वदेशी लोकाचार पर आधारित है। यहां जल, जंगल और जमीन को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना जाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विकास का अर्थ सिर्फ उद्योग या आंकड़े नहीं, बल्कि प्रकृति, समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी भी है।

कल्पना मुर्मू सोरेन

महिलाओं के ‘अदृश्य श्रम’ को मिले पहचान

उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के योगदान पर बात की। कहा कि ये महिलाएं पीढ़ियों से परिवार, समाज और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संभालती आ रही हैं, लेकिन उनका श्रम अक्सर अदृश्य रह जाता है। इस श्रम को सामाजिक और आर्थिक मान्यता मिलना जरूरी है, क्योंकि यही समाज की असली नींव है।

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कल्याण से आगे, गरिमा और अवसर की बात

कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि झारखंड का दृष्टिकोण केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। राज्य की नीतियां महिलाओं की गरिमा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। खासतौर पर गृहिणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वयं सहायता समूहों से बदली महिलाओं की जिंदगी

उन्होंने Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS) के माध्यम से संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सराहना की। बताया कि किस तरह ये समूह स्थानीय उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्यमों के जरिए महिलाओं में नेतृत्व, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता पैदा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विज़न का उल्लेख

कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का शासन मॉडल संसाधनों से ज्यादा लोगों को और केवल आर्थिक उत्पादन से ज्यादा जीवन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देता है।
उन्होंने भरोसा जताया कि जब महिलाएं शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो झारखंड ही नहीं, पूरा देश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।

अंत में उन्होंने वैश्विक भागीदारों से झारखंड के साथ जुड़ने और महिला-नेतृत्व वाले इस सामुदायिक विकास मॉडल को जमीन पर देखने का आह्वान किया।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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