
New Delhi : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर उपमंडल अस्पताल में नवजात शिशु की कथित मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। खबरों के अनुसार, अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही और एम्बुलेंस न मिलने के कारण पिता को शिशु के शव को गत्ते के बक्से में रखकर गांव ले जाना पड़ा।
NHRC ने जारी किया नोटिस
आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए रांची स्थित स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव और पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त को नोटिस जारी किया है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
अस्पताल की लापरवाही का आरोप
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पाया कि अगर मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह पीड़िता के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है।खबरों के अनुसार, चक्रधरपुर उपमंडल अस्पताल में प्रसव से पहले और प्रसव के बाद उचित चिकित्सा देखभाल नहीं मिलने के कारण 7 मार्च 2026 को नवजात शिशु की मौत हो गई।
गत्ते के बक्से में शव ले जाने को मजबूर पिता
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण पिता को नवजात के शव को गत्ते के बक्से में रखकर बंगरासाई गांव ले जाना पड़ा।9 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल कर्मचारियों ने परिवार को शव को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए मजबूर किया और किसी भी प्रकार की सहायता देने से इनकार कर दिया।