नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही, सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले 2 मजदूर

Anand Kumar
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नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है, जिससे प्राकृतिक आपदा में अब तक 1200 सतासी लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच हजार तिरासी लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल सरकार के अनुसार प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, जिससे लापता लोगों में करीब 600 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। अब इस बीच राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एक बड़ी कामयाबी सामने आई है, जिसमें त्रिशुली-3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया है।

बचाव दल ने सुरंग के अंदर से आवाजें सुनने के बाद अभियान तेज किया और दोनों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल किया है। बचाए गए दोनों मजदूरों की पहचान संजय साह और कबीर महारजन के रूप में की गई है। दोनों को सुरंग से बाहर निकालने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडू के अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रिपोर्ट्स की मानें तो मजदूर करीब 170 मीटर अंदर मलबे से घिरी सुरंग में फंसे हुए थे।

नेपाल सरकार के मुताबिक, मृतकों एवं लापता लोगों के आंकड़े लगातार बदलते जा रहे हैं क्योंकि प्रभावित क्षेत्रों में खोज और पहचान का काम लगातार जारी है। सरकार का पूरा फोकस फिलहाल बचाव अभियान के साथ-साथ सड़क, बिजली और दूरसंचार सेवाओं को बहाल करने तथा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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