डॉलर को लेकर रूस का बड़ा कदम, 90% भुगतान नेशनल करेंसी में, डॉलर का नहीं होता इस्तेमाल: पेस्कोव

Anand Kumar
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रूस एवं ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि ब्रिक्स देशों के साथ रूस के करीब नब्बे फीसदी भुगतान अब राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहे हैं, जबकि डॉलर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने ब्रिक्स में भारत के दिक्षिता एवं उसके दौरान हुए परिणामों की सराहना भी की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि रूस ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है।

उनके मुताबिक ब्रिक्स देशों के साथ होने वाले भुगतान का बड़ा हिस्सा अब सदस्य देशों की अपनी-अपनी मुद्राओं में किया जा रहा है, जिसमें पेसकोव ने ये स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य डी-डॉलराइजेशन नहीं है। उन्होंने इसमें कहा कि कुछ देश अपनी राष्ट्रीय मुद्रा का इस्तेमाल विदेश नीति के एक उपकरण के रूप में कर रहे हैं। अब उनके इस बयान को अमेरिका की ओर इशारे के तौर पर भी देखा जा रहा है।

पेसकोव ने भारत को रूस का रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा है कि दोनों देश कई अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने विशेष रूप से भारत के साथ होने वाले व्यापारिक भुगतान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ज्यादातर भुगतान राष्ट्रीय मुद्राओं में किए जा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया है कि ब्रिक्स रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का एक मैकेनिज्म विकसित कर रहा है, जिसमें ड्रामा और नशीले पदार्थों से निपटने के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग भी शामिल है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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