झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमिताओं और पेपर लीक के आरोपी को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में अभ्यर्थी कई दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। इस आंदोलन के दौरान, एक व्यक्ति अभ्यर्थी की भावुक अपील ने सभी अध्ययन उनकी ओर खींच लिया है।
अनशन पर बैठे एक अभ्यर्थी ने यह कहा है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करते-करते वह 40 वर्ष के हो गए हैं और अपनी पूरी जिंदगी इसी उम्मीद में निकाल दिए लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने यह आरोप लगाया की भर्ती परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों ने लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का यह कहना है कि कई सालों से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग की जा रही है लेकिन सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से उनकी शिकायतों पर कोई भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण अब उन्होंने आमरण अनशन का रास्ता चुन लिया है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि जेपीएससी जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अन्यथाओं की जांच झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीश यह केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने इसके अलावा दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का भी मांग किया है।
आंदोलनकारी छात्रों ने साफ चेतावनी दे दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा जिससे आगामी दिनों में झारखंड विधानसभा घेराव सहित बड़े प्रदर्शन की भी तैयारी की जा रही है।