JPSC घोटाले में बड़ा खुलासा: शिवांगन कोचिंग संचालक के दो रिश्तेदार गिरफ्तार, सेटिंग से पास करने का आरोप; अब तक 25 गिरफ्तारी

Anand Kumar
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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और OMR शीट में हेराफेरी की जांच कर रही CID ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपित रांची के शिवांगन की पाठशाला कोचिंग के संचालक संजीत कुमार के रिश्तेदार बताए गए हैं। CID के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर सेटिंग के जरिए JPSC की परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न के रूप में हुई है। ऋतिक रौशन संजीत कुमार का ममेरा भाई है और पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। वहीं पंकज प्रसून्न उसका चचेरा भाई है और रांची में संजीत कुमार के साथ रहता था।

एक ने FRO तो दूसरे ने ACF परीक्षा पास की

CID की जांच के अनुसार, ऋतिक रौशन ने कथित सेटिंग के जरिए फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) की परीक्षा पास की थी। वहीं पंकज प्रसून्न ने असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) परीक्षा में सफलता हासिल की थी।

CID का कहना है कि पूर्व में गिरफ्तार शिवांगन कोचिंग संचालक संजीत कुमार से पूछताछ और उसके पास से बरामद दस्तावेजों की जांच के दौरान दोनों रिश्तेदारों की भूमिका सामने आई। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों की परीक्षा में कथित सेटिंग संजीत कुमार ने ही कराई थी।

हालांकि, दोनों ने इसके लिए कितनी राशि दी, पैसा किसे दिया गया और परीक्षा में किस तरह मदद पहुंचाई गई, इन बिंदुओं पर CID की जांच अभी जारी है।

संजीत की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कनेक्शन

CID ने इससे पहले JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में शिवांगन की पाठशाला के संचालक संजीत कुमार को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, संजीत पर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का दावा करने और कथित सेटिंग के नाम पर पैसे लेने के आरोप हैं।

CID की जांच में कई कोचिंग संचालकों की कथित भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ कोचिंग संचालक कथित तौर पर अभ्यर्थियों और परीक्षा में सेटिंग कराने वाले लोगों के बीच एजेंट की भूमिका में थे।

JPSC मामले में अब तक 25 आरोपित गिरफ्तार

CID के अनुसार, JPSC मेधा घोटाला मामले में अब तक 25 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी TDPL से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी, कथित दलाल तथा परीक्षा में गलत तरीके से चयनित बताए गए अभ्यर्थी शामिल हैं।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा धांधली का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

JSSC CGL मामले में भी दो गिरफ्तार

JPSC मामले की कार्रवाई के साथ ही CID ने JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में भी दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें कोडरमा के राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार शामिल हैं।

CID के अनुसार, दोनों पर एक अभ्यर्थी को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने, प्रश्न और उत्तर रटवाने तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं।

JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में CID की कार्रवाई लगातार जारी है। इन मामलों को लेकर अभ्यर्थियों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से पहले भी जांच की पारदर्शिता और CBI जांच की मांग उठती रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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