झारखंड में संवैधानिक नियुक्तियों पर अहम बैठकें, सूचना आयोग पर अंतिम फैसला नहीं, लोकायुक्त के लिए तीन रिटायर जजों के नाम पर विचार

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में दो अहम बैठकें हुईं। एक ओर मुख्यमंत्री आवास पर सूचना आयोग से जुड़ी नियुक्तियों पर विचार-विमर्श हुआ, वहीं दूसरी ओर स्टेट गेस्ट हाउस में लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।


सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए आवेदनों पर हुआ विचार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मंत्री हफीजुल हसन शामिल हुए।

बैठक में मुख्य सूचना आयुक्त के एक पद और सूचना आयुक्त के छह पदों पर नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई। जानकारी के अनुसार, मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए 71 और सूचना आयुक्त पद के लिए 455 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

हालांकि, बैठक में नामों पर विचार तो हुआ, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।

बैठक के बाद बाबूलाल मरांडी ने बताया कि चार सौ से अधिक नामों पर विचार किया गया है। राज्य सरकार के स्तर पर सहमति बनने के बाद नाम राज्यपाल को भेजे जायेंगे और उनकी मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


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लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर अलग बैठक

इसी दिन मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर भी बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, लोकायुक्त पद के लिए हाईकोर्ट के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नामों पर मुख्य रूप से विचार किया गया।


हाईकोर्ट में पहले भी उठ चुका है मामला

राज्य में सूचना आयुक्तों और लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में पहले भी सुनवाई हो चुकी है। कोर्ट ने पूर्व की सुनवाइयों में नियुक्तियों में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा था।

इसी क्रम में अब एक अप्रैल को इस मामले में फिर सुनवाई निर्धारित है। माना जा रहा है कि न्यायालय की निगरानी और पूर्व की टिप्पणियों के कारण ही राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई है।


लंबे समय से खाली पड़े हैं पद

झारखंड में सूचना आयोग और लोकायुक्त दोनों ही संस्थान लंबे समय से पूर्ण रूप से कार्यरत नहीं हैं। मई 2020 में प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से सूचना आयोग में सुनवाई लगभग ठप है।

वहीं, जून 2021 से लोकायुक्त का पद भी रिक्त पड़ा है, जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच प्रभावित हो रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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