MAIYA SAMMAN YOJANA : पूर्वी सिंहभूम में फर्जीवाड़ा उजागर, 172 महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Anand Kumar
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MAIYA SAMMAN YOJANA : प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है

MAIYA SAMMAN YOJANA

MAIYA SAMMAN YOJANA NEWS : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है… मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर सैकड़ों बाहरी महिलाओं के नाम पर सरकारी सहायता की राशि हड़प ली गई!मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत फर्जी तरीके से लाभ लेने का यह मामला पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला प्रखंड की हेंदलजूड़ी पंचायत से सामने आया है। प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद गालूडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर घाटशिला बीडीओ यूनिका शर्मा ने पंचायत सचिव को केस दर्ज कराने का आदेश दिया था। बीडीओ के निर्देश के अनुरूप पंचायत सचिव मंगल टुडू ने गालूडीह थाना में एक आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने कांड संख्या 21/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 338, 339, 336(3), 61(2), 3(5), 65, 66सी और 66डी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस की जांच की जिम्मेदारी घाटशिला थाना प्रभारी बंश नारायण सिंह को सौंपी गई है।

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बिहार और बंगाल की महिलाओं के नाम पर योजना का लाभ

इस मामले में दर्ज एफआईआर में बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत ठाकुरगंज थाना क्षेत्र की 40 और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा थाना क्षेत्र की 132 महिलाओं के खिलाफ सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा कर लाभ उठाने का आरोप है। हालांकि, अब तक इन महिलाओं को भेजी गई कुल राशि का विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार फर्जी दस्तावेज के आधार पर उनके खातों में किस्तें ट्रांसफर की गई थीं।


हेंदलजूड़ी पंचायत में नहीं रहते लाभुक समुदाय के लोग

अचरज की बात यह है कि जिन 172 महिलाओं के नाम पर राशि जारी की गई, वे उस समुदाय से जुड़ी हैं जिसका हेंदलजूड़ी पंचायत के आठ गांवों में कोई भी स्थानीय प्रतिनिधित्व नहीं है। आरोप है कि छोलगोड़ा गांव में एक विशेष समुदाय की इन महिलाओं के फर्जी नाम सूची में दर्ज कर दिए गए और एक ही राशन कार्ड नंबर का प्रयोग कर योजना की मंजूरी दिला दी गई। इससे स्पष्ट होता है कि पंचायत और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं हुई।


प्रशासन ने कसा शिकंजा, अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क

ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और बिहार-पश्चिम बंगाल की पुलिस से सहयोग लेकर इन महिलाओं की पहचान की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय महिलाओं में रोष, कहा – झारखंडियों को किया जा रहा है नजरअंदाज

घटना सामने आने के बाद स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय महिला रायमुनी टुडू ने बताया कि वे झारखंड की मूल निवासी हैं, लेकिन उन्हें केवल कुछ महीनों की किस्त मिली, जबकि जांच के नाम पर आगे की राशि रोक दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी महिलाओं को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियमित भुगतान किया गया, जबकि झारखंड की कई पात्र महिलाओं को आज तक योजना का कोई लाभ नहीं मिला।


भ्रष्टाचार की व्यापकता पर उठे सवाल

यह मामला सिर्फ घाटशिला या पूर्वी सिंहभूम तक सीमित नहीं माना जा रहा है। मंईयां सम्मान योजना में अनियमितताओं की खबरें झारखंड के कई हिस्सों से सामने आ रही हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में कितनी सख्ती से कदम उठाता है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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