राहुल गांधी के संदेश के बाद सरकार ने फिर बुलाया छात्रों को, वार्ता में होंगे लीगल एक्सपर्ट; JSSC-CGL पर निकल सकता है रास्ता?

Anand Kumar
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17 अगस्त को स्टेट गेस्ट हाउस में होगी वार्ता, कानूनी विशेषज्ञ भी रहेंगे शामिल

रांची : JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JSSC-CGL को रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के आंदोलन के बीच अब समाधान की एक नई उम्मीद जगी है। सरकार ने आंदोलनरत छात्रों को एक बार फिर वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। सोमवार को दोपहर 2 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होगी।

खास बात यह है कि इस बार वार्ता में दोनों पक्षों की ओर से लीगल एक्सपर्ट यानी विधिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि बातचीत में JSSC-CGL को रद्द करने की मांग के कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

राहुल गांधी का हेमंत सोरेन के नाम संदेश

वार्ता की पहल ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम संदेश भी सामने आया है।

रांची महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम राहुल गांधी का बंद लिफाफा मुख्यमंत्री कार्यालय में सौंपा। बताया गया है कि राहुल गांधी ने अपने संदेश में छात्र-युवाओं की समस्याओं और उनके आंदोलन को संवेदनशीलता के साथ जल्द से जल्द समाप्त कराने का आग्रह किया है।

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डॉ. कुमार राजा ने कहा कि गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी छात्रों एवं युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य वहीं से शुरू होता है, जहां छात्रों और युवाओं के आंदोलन को समाप्त कर उनकी समस्याओं का समाधान तथा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जाता है।

राहुल गांधी के संदेश के बाद सरकार की ओर से छात्रों से दोबारा बातचीत की पहल को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आंदोलनकारी छात्र लगातार सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।

छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

इधर, आंदोलनरत छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की ओर से वार्ता के लिए बुलाए जाने की जानकारी दी।

छात्रों ने कहा कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए जरूर जाएंगे। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से ही किसी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।

छात्रों ने यह भी बताया कि इस बार वार्ता में उनके साथ लीगल एक्सपर्ट भी मौजूद रहेंगे। छात्रों को उम्मीद है कि सोमवार को होने वाली बातचीत से जारी आंदोलन को लेकर कोई सार्थक और सकारात्मक समाधान निकलकर सामने आएगा।

यानी इस बार बातचीत का फोकस केवल आंदोलन खत्म कराने पर नहीं, बल्कि छात्रों की मांगों के कानूनी और व्यावहारिक समाधान पर भी रहने की उम्मीद है।

JSSC-CGL रद्द करने की मांग पर होगी कानूनी चर्चा

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है।

इनमें JSSC-CGL को रद्द करने की मांग सबसे अहम मुद्दों में से एक है।

यही वजह है कि वार्ता में विधिक विशेषज्ञों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार यह समझने की कोशिश करेगी कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत परीक्षा को रद्द करने की मांग पर क्या रास्ता निकाला जा सकता है।

छात्र भी अब इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं। ऐसे में सोमवार की बैठक में यदि दोनों पक्ष किसी कानूनी समाधान पर सहमत होते हैं, तो आंदोलन को खत्म कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ सकता है।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान

हालांकि बातचीत की पहल के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान नहीं किया है।

छात्रों ने सरकार को अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने का अल्टीमेटम दिया है। आंदोलनकारियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम भी घोषित किया है। (Navbharat Times)

इससे पहले रांची में छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी समेत गठबंधन के नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। (Navbharat Times)

रिफॉर्म मंच ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी है। मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग तक की गई है।

JMM ने भाजपा पर लगाया आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप

इस पूरे विवाद के बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।

JMM का कहना है कि छात्रों का आंदोलन छात्रों का मुद्दा था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का आरोप है कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक टकराव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।

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अब नजर सोमवार की वार्ता पर

फिलहाल आंदोलन एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां सरकार और छात्रों दोनों ने बातचीत का रास्ता खुला रखा है।

एक तरफ राहुल गांधी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम संदेश है, दूसरी तरफ सरकार ने छात्रों को फिर वार्ता के लिए बुलाया है। इस बार लीगल एक्सपर्ट की मौजूदगी इसे पहले की बातचीत से अलग बनाती है।

वहीं छात्र भी बातचीत के लिए तैयार हैं और उन्हें उम्मीद है कि वार्ता से कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोमवार की वार्ता में JSSC-CGL को लेकर कोई कानूनी रास्ता निकल पाएगा?

क्या सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी?

और सबसे महत्वपूर्ण—क्या बातचीत के बाद 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव टल जाएगा, या आंदोलन और तेज होगा?

इन सवालों के जवाब सोमवार को होने वाली वार्ता के बाद ही साफ होंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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