झारखंड में परीक्षा में कथित अनियमितताओं एवं घूसखोरी की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार 17 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए, जांच एजेंसी ने जेपीएससी के पूर्व सदस्य डॉक्टर अजिता भट्टाचार्य के पूर्व निजी सहायक ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया है। ब्रज कुमार पर जेपीएससी अभ्यर्थियों से पैसा लेने एवं परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के लिए उम्मीदवारों की तलाश करने का आरोप है।
सीआईडी की जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, ब्रज कुमार राम कथित तौर पर जेपीएससी सदस्य के लिए अभ्यर्थियों से पैसा लेते थे, और इसके साथ ही वे उम्मीदवारों की तलाश भी करते थे जिने पैसे के बदले परीक्षा प्रक्रिया में लाभ पहुंचाया जा सके। जांच के दौरान, टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी समेत अन्य आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर सीआईडी ने ब्रज कुमार की भूमिका की जांच की है। आरोपियों के कथित स्वीकारोक्ति बयान में जेपीएससी के इंटरव्यू में पैसे लेकर अधिक अंक दिलाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
सीआईडी की जांच में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते, आयोग के सदस्यों एवं परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी टीडीपीएल के अधिकारियों और उनके साथ ही अन्य लोगों की कथित भूमिका की भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसी से यह पता लगाने में जुटी हुई है कि कथित तौर पर पैसा लेकर आयोग्य उम्मीदवारों को परीक्षा में सफल कराने के लिए किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा है।