नई दिल्ली/रांची, 10 सितंबर 2026। झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। JPSC JSSC Reform Manch ने इस मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में दो Intervention Application (IA) दाखिल किए हैं।
मंच का कहना है कि झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग को अब सर्वोच्च न्यायालय के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
16 सितंबर को होगी मामले की सुनवाई
यह मामला Harisharan Devgan vs State of Jharkhand के नाम से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मामले की सुनवाई पहले 11 सितंबर 2026 को प्रस्तावित थी, लेकिन दिल्ली में प्रस्तावित BRICS सम्मेलन के मद्देनजर अब सुनवाई की तारीख 16 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
इसी मामले में JPSC JSSC Reform Manch ने दो Intervention Application दाखिल कर न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप की अनुमति मांगी है।

क्या चाहता है Reform Manch?
दाखिल IA के माध्यम से मंच ने JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग के समर्थन में अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की अनुमति मांगी है।
न्यायालय आवेदन पर विचार करने के बाद यदि हस्तक्षेप की अनुमति देता है, तो मंच की ओर से अधिवक्ता छात्रों से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और CBI जांच की आवश्यकता से संबंधित अपना पक्ष अदालत के सामने रख सकेंगे।
‘लड़ाई लाखों छात्रों के भविष्य की’
JPSC JSSC Reform Manch का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या किसी एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं है। मंच के मुताबिक यह झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है।
मंच ने कहा है कि छात्रों की मांग को सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए देश के बड़े और प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं के माध्यम से पैरवी की जाएगी।
छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील
Reform Manch ने झारखंड के प्रतियोगी छात्रों से संयम बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की है।
मंच ने कहा कि वह छात्रों के हित और JPSC-JSSC परीक्षाओं में CBI जांच की मांग को पूरी मजबूती के साथ सर्वोच्च न्यायालय में उठाएगा।
अब नजर 16 सितंबर की सुनवाई पर
दो IA दाखिल होने के बाद अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 16 सितंबर हो गई है। हालांकि, Intervention Application पर अंतिम रूप से क्या निर्णय होता है और मामले की सुनवाई के दौरान छात्रों की CBI जांच की मांग पर अदालत का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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