एक ही दिन में तीन जिलों में भीषण सड़क दुर्घटनाएं, सरायकेला में हाइवा-ट्रेलर टक्कर के बाद आग में दो चालक की मौत, कोडरमा में दूध टैंकर हादसा और पलामू में पिकअप की टक्कर से एक की जान गई
रांची: झारखंड में मंगलवार सड़क हादसों के लिहाज से बेहद दुखद साबित हुआ। राज्य के सरायकेला-खरसावां, कोडरमा और पलामू जिलों में हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। कहीं दो भारी वाहनों की टक्कर के बाद आग लग गई, तो कहीं दूध टैंकर ट्रेलर से जा भिड़ा। वहीं पलामू में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया।
- एक ही दिन में तीन जिलों में भीषण सड़क दुर्घटनाएं, सरायकेला में हाइवा-ट्रेलर टक्कर के बाद आग में दो चालक की मौत, कोडरमा में दूध टैंकर हादसा और पलामू में पिकअप की टक्कर से एक की जान गई
- सरायकेला में हाइवा और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग, दो चालकों की मौत
- कोडरमा घाटी में दूध टैंकर ट्रेलर से टकराया, खलासी की मौत
- पलामू में पिकअप की टक्कर से एक की मौत, सड़क जाम
- बारिश और तेज रफ्तार बनी चिंता का विषय
सरायकेला में हाइवा और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग, दो चालकों की मौत
सबसे भीषण हादसा सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर-चाईबासा एनएच-220 पर सोमवार देर रात करीब एक बजे हुआ। रोला-खैरबनी मोड़ के पास हाइवा और ट्रेलर की आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रेलर चालक केबिन में ही जिंदा जल गया। वहीं गंभीर रूप से घायल हाइवा चालक को चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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हादसे के दौरान पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रेलर भी अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गए और सड़क किनारे खेत में पलट गए। इस दुर्घटना में दोनों चालक घायल हो गए।
सूचना मिलने पर राजनगर थाना पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों वाहन पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे के बाद एनएच-220 को फोरलेन बनाने और सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग की है।
कोडरमा घाटी में दूध टैंकर ट्रेलर से टकराया, खलासी की मौत
दूसरी बड़ी दुर्घटना कोडरमा घाटी के मेघातरी क्षेत्र में हुई, जहां देर रात दूध से भरा एक टैंकर आगे चल रहे ट्रेलर से पीछे से टकरा गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि टैंकर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व दोनों खलासी केबिन में फंस गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों को बाहर निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान खलासी सिंटू कुमार की मौत हो गई। चालक नीलेश कुमार और दूसरे खलासी प्रफ्फुल कुमार का इलाज जारी है।
पुलिस का मानना है कि लगातार बारिश के कारण घाटी क्षेत्र में बढ़ी फिसलन हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में इसी मार्ग पर कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
पलामू में पिकअप की टक्कर से एक की मौत, सड़क जाम
तीसरी दुर्घटना पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र में हुई। जपला-हैदरनगर मुख्य सड़क पर कुकही मोड़ के पास तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क किनारे खड़े टेम्पो में टक्कर मार दी।
हादसे में बिहारी पासवान (50) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी समेत चार महिलाएं घायल हो गईं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर दिया और मृतक के परिजनों को मुआवजा तथा दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया।
बारिश और तेज रफ्तार बनी चिंता का विषय
लगातार हो रही बारिश, फिसलन भरी सड़कें और तेज रफ्तार भारी वाहन झारखंड में सड़क हादसों की बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। विशेष रूप से एनएच-220 और कोडरमा घाटी जैसे मार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा, चौड़ीकरण और ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन ही ऐसे हादसों को कम कर सकता है।
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