झारखंड की तीन नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती, APP परीक्षा पर 27 अगस्त को सुनवाई

Anand Kumar
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रांची: झारखंड सरकार की ओर से तीन नियुक्ति परीक्षाओं की प्रक्रिया को रद्द/स्थगित करने संबंधी जारी अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चुनौती दिए गए मामलों में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) रेगुलर परीक्षा, विज्ञापन संख्या 6/2025, APP बैकलॉग परीक्षा, विज्ञापन संख्या 5/2025 और सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा, विज्ञापन संख्या 22/2023 शामिल हैं।

इनमें APP रेगुलर और APP बैकलॉग परीक्षा से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में जल्द सुनवाई की मांग की गई। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।

सिविल जज परीक्षा का मामला खंडपीठ में होगा मेंशन

वहीं, सिविल जज जूनियर डिवीजन नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या 22/2023) को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर मामले को हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष जल्द सुनवाई के लिए मेंशन किए जाने की तैयारी है।

इससे इन नियुक्ति परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों के बीच भी आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद बढ़ी है।

CID की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद सरकार ने लिया था फैसला

मामले की पृष्ठभूमि में नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता की जांच से जुड़ा मामला है। CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें TDPL का मामला शामिल रहा था।

इसके साथ ही सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की थी।

कार्मिक विभाग ने जारी की अधिसूचना

सरकार की घोषणा के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और विभिन्न परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई।

अधिसूचना के मुताबिक कुल 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित तथा 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

अब APP रेगुलर और बैकलॉग परीक्षा से जुड़े मामलों में 27 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत के रुख से इन परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों और नियुक्ति प्रक्रिया के आगे के रास्ते को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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