रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए बुधवार को विधानसभा परिसर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। विधानसभा के कमरा संख्या 42 में सुबह 9 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय तक चली और सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील कर दिया गया है। अब चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। देर शाम तक परिणाम घोषित होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार सबसे पहला वोट भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने डाला, जबकि अंतिम मतदान झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने किया।
मतदान के लिए होटल और मुख्यमंत्री आवास से पहुंचे विधायक
राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी सुबह से ही तेज रही। कांग्रेस और एनडीए के विधायक अपने-अपने ठिकानों से बसों के जरिए विधानसभा पहुंचे। वहीं झामुमो और महागठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री आवास से मतदान के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ विधानसभा पहुंचे और मतदान किया।
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मतदान के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा परिसर में बने चाय काउंटर पर भी पहुंचे, जहां भाजपा विधायक नवीन जायसवाल और राज सिन्हा पहले से मौजूद थे। इस दौरान अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच कुछ समय तक सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।

जीत को लेकर दोनों पक्षों के दावे
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता Arjun Munda ने एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Parimal Nathwani की जीत का दावा करते हुए कहा कि भाजपा राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और उसे अन्य दलों के विधायकों का भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता Pradeep Yadav ने महागठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं चुनावी रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।
उम्मीदवारों ने जताया भरोसा
मतदान शुरू होने से पहले महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार Baijnath Ram और कांग्रेस प्रत्याशी Pranav Jha विधानसभा पहुंचे। वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी भी मतदान प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे।
बैजनाथ राम ने कहा कि उनकी जीत पूरी तरह सुनिश्चित है और किसी प्रकार का संशय नहीं है। दूसरी ओर परिमल नाथवानी ने भी अपनी जीत का दावा किया।
दो सीट, तीन उम्मीदवार और दिलचस्प मुकाबला
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार झामुमो के बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है। जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच मुकाबला रोचक बना हुआ है।
महागठबंधन के पास बहुमत, एनडीए को अतिरिक्त समर्थन की तलाश
विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जो दोनों उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। दूसरी ओर एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में अतिरिक्त वोटों की संभावनाओं और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
किसी भी प्रकार की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए सभी दलों ने अपने विधायकों को विशेष रूप से एकजुट रखा। कांग्रेस और एनडीए दोनों ने अपने विधायकों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी तथा मतदान प्रक्रिया को लेकर लगातार बैठकें और मॉक पोल आयोजित किए गए।
जयराम महतो ने समर्थन की अटकलों को किया खारिज
इस बीच एनडीए के कुछ नेताओं की ओर से जेएलकेएम विधायक जयराम महतो के समर्थन का दावा किया गया, लेकिन जयराम महतो ने इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि न तो एनडीए और न ही महागठबंधन से उनकी कोई बातचीत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान को लेकर वे अपना निर्णय स्वयं लेंगे।
अब सभी की निगाहें शाम 5 बजे शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो जाएगा कि विधानसभा के भीतर संख्या बल का गणित पूरी तरह कायम रहा या फिर किसी तरह की क्रॉस वोटिंग ने चुनावी तस्वीर बदल दी।
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