Hazaribagh : झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित चट्टी बरियातू कोल परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो में झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को हाथ में तीर-धनुष लिए परियोजना स्थल पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों के साथ तीखी बहस करते और आक्रामक अंदाज में आगे बढ़ते देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और घटना को लेकर राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
परियोजना स्थल पर अचानक बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार केरेडारी प्रखंड के पगार ओपी क्षेत्र में संचालित चट्टी बरियातू कोल परियोजना में एमडीओ के रूप में रित्विक कंपनी कार्य कर रही है। इसी परियोजना स्थल पर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक किसी मुद्दे को लेकर अचानक माहौल गरमा गया और कथित तौर पर पूर्व मंत्री ने वहां मौजूद मजदूरों व कर्मचारियों के साथ तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति तीर-धनुष लिए गुस्से में इधर-उधर बढ़ते दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास मौजूद लोग उसे रोकने और स्थिति को शांत कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
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वर्करों का आरोप—गाली-गलौज और धमकी
परियोजना में कार्यरत कुछ वर्करों का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। कर्मचारियों का कहना है कि घटना के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया था कि कुछ समय के लिए परियोजना का कामकाज भी प्रभावित हुआ और मजदूरों के बीच भय का माहौल बन गया।
वर्करों का यह भी कहना है कि इस तरह की स्थिति पहली बार नहीं बनी है। उनके अनुसार इससे पहले भी कई मौकों पर परियोजना से जुड़े कामकाज को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बनता रहा है।
देखें Video
पहले भी विवादों में रहे हैं योगेंद्र साव
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। योगेंद्र साव ने 1 जनवरी 2026 की रात केरेडारी के जोरदाग-मुंडा टोली से लबनिया मोड़ तक 2.2 किलोमीटर लंबी कोयला ट्रांसपोर्ट सड़क पर 20 फीट लंबी ईंट-मिट्टी की दीवार खड़ी कर दी। इससे कोयला ट्रकों की ढुलाई 10 घंटे पूरी तरह बंद रही, जिससे NTPC को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
साव की मांग है कि उनकी 30 साल पुरानी फायर ब्रिक्स फैक्ट्री और 60 डिसमिल जमीन का 2013 के कानून के तहत चार गुना मुआवजा दिया जाए। पुलिस ने दीवार तोड़कर ढुलाई बहाल की और साव व उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी को हिरासत में लिया। दोनों के खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं। साव ने दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात की और विस्थापितों की समस्या उठाई।
योगेंद्र साव का ‘तीर मारने’ वाला बयान
11 फरवरी 2026 को बड़कागांव के धरना स्थल पर पहुंचकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने आक्रामक अंदाज में चेतावनी दी – “अब NTPC कर्मियों पर सीधा तीर चलेगा… तीर-धनुष से ही न्याय होगा!” उन्होंने खुद तीर-धनुष लेकर धरने पर बैठ गए। यह बयान NTPC की कोयला ढुलाई और मुआवजे के विरोध में दिया गया,
और फिर सचमुच वे तीर लेकर चलाने लगे। यह ताजा विवाद इलाके में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद जांच की तैयारी
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
खनन क्षेत्र में पहले भी बनता रहा है तनाव
चट्टी बरियातू कोल परियोजना क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों से खनन गतिविधियों, स्थानीय रोजगार और भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर समय-समय पर चर्चा में रहा है। कई बार स्थानीय लोगों, ठेका कंपनियों और परियोजना से जुड़े पक्षों के बीच विवाद की स्थितियां भी सामने आती रही हैं।
ऐसे में ताजा वीडियो के सामने आने के बाद परियोजना क्षेत्र का माहौल एक बार फिर संवेदनशील हो गया है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
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