Ranchi : झारखंड में शहरी निकाय चुनाव भले ही औपचारिक रूप से दलीय आधार पर नहीं हो रहे हों, लेकिन रांची से लेकर अन्य नगर निकायों तक मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद चुनाव पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग चुके हैं। इसी कड़ी में रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के तौर पर रमा खलखो का नाम सामने आते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।
सोमवार को रमा खलखो ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि वह 03 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे नामांकन दाखिल करेंगी। उनके नामांकन की घोषणा के साथ ही रांची का मेयर चुनाव अब सीधे राजनीतिक मुकाबले की शक्ल लेता दिख रहा है।
पूर्व कार्यकाल के भरोसे मैदान में उतरीं रमा खलखो
रमा खलखो वर्ष 2008 में रांची नगर निगम के चुनाव में जीत दर्ज कर चुकी हैं और रांची की पहली महिला महापौर रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि रांची की जनता उनके मेयर कार्यकाल से परिचित है और शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए किए गए प्रयासों को लोगों ने करीब से देखा है।
रमा खलखो के अनुसार, इस बार वे किसी रणनीति के तहत नहीं, बल्कि जनता के आग्रह और आशीर्वाद से चुनावी मैदान में उतरी हैं। उन्होंने दावा किया कि रांची की जनता ही उन्हें फिर से मेयर की जिम्मेदारी सौंपेगी।
दलीय समर्थन पर खुलकर बोलीं
प्रेस वार्ता के दौरान रमा खलखो ने स्पष्ट किया कि चूंकि निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहे हैं, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस की सहयोगी पार्टियां झारखंड मुक्ति मोर्चा या राष्ट्रीय जनता दल अपने समर्थित उम्मीदवार उतारेंगी या नहीं।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मेयर चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी से औपचारिक अनुमति मांगी थी, जिसे पार्टी नेतृत्व ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए उन्होंने पार्टी और सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
कांग्रेस का खुला समर्थन, संगठन चुनावी मोड में
रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष Kumar Raja ने कहा कि पार्टी की बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि भले ही निकाय चुनाव दलीय आधार पर न हो, लेकिन हर चुनाव में राजनीतिक चेतना मौजूद रहती है।
उन्होंने कहा कि इसी राजनीतिक वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो को आधिकारिक समर्थन देने का फैसला किया है। संगठन अब पूरी तरह चुनावी मोड में है।
संकेत साफ: गैर-दलीय चुनाव, पर मुकाबला पूरी तरह राजनीतिक
रमा खलखो की उम्मीदवारी और कांग्रेस के खुले समर्थन के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि रांची नगर निगम का मेयर चुनाव गैर-दलीय कागजी प्रक्रिया के बावजूद पूरी तरह सियासी मुकाबला बनने जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य दलों की रणनीति और समर्थित चेहरों पर भी सबकी नजर टिकी है।