Ranchi : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और चर्चित योजना ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ ने राजधानी रांची में सफलता का एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। जिला प्रशासन ने फरवरी 2026 की सम्मान राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी है। इस महत्वपूर्ण कदम से जिले की लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान खिल गयी है।
डीबीटी (DBT) के जरिए 96.79 करोड़ का हस्तांतरण
जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, रांची जिले की 3,87,174 महिलाओं के खातों में आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 96 करोड़ 79 लाख 35 हजार रुपये की राशि भेजी गई है। प्रत्येक पात्र महिला को 2500 रुपये की मासिक किस्त प्रदान की गई है। यह भुगतान प्रणाली इतनी पारदर्शी है कि राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉकवार रिपोर्ट
इस योजना का लाभ केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि रांची के शहरी इलाकों में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।
- शहरी क्षेत्रों का दबदबा: अरगोड़ा शहरी क्षेत्र की 12,956, बड़गाई की 9,495, हेहल की 15,191 और सदर शहरी क्षेत्र की 24,686 महिलाओं को लाभ मिला है।
- ग्रामीण प्रखंडों में कांके टॉप पर: ग्रामीण इलाकों की बात करें तो कांके प्रखंड में सबसे अधिक 31,443 महिलाओं के खातों में राशि क्रेडिट हुई है। इसके बाद मांडर (22,984), सिल्ली (21,045), बेड़ो (20,496) और चान्हो (19,673) जैसे प्रखंडों में भी लाभुकों की संख्या काफी अधिक है।
- अन्य प्रमुख आंकड़े: अनगड़ा (16,607), बुढ़मू (17,737), नामकुम (17,777), ओरमांझी (18,092) और नगड़ी (17,747) की महिलाओं ने भी इस आर्थिक सहायता का लाभ उठाया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने जन शिकायतों के समाधान के लिए ‘अबुआ साथी’ व्हाट्सएप नंबर 9430328080 भी जारी किया है। यदि किसी महिला का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने या किसी तकनीकी कारण से पैसा रुकता है, तो वे इस नंबर पर संपर्क कर समाधान पा सकती हैं।
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मंईयां सम्मान योजना: एक गहरा विश्लेषण और सामाजिक प्रभाव
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह झारखंड की महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो रही है।
1. आत्मनिर्भरता की ओर कदम: पहले 1000 रुपये और अब 2500 रुपये की मासिक राशि मिलने से महिलाएं छोटी-मोटी जरूरतों के लिए घर के पुरुषों पर निर्भर नहीं हैं। यह राशि उनकी गरिमा और आत्मविश्वास को बढ़ा रही है। 2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उछाल: जब लाखों महिलाओं के हाथ में सीधे नकदी (Cash) पहुँचती है, तो स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ती है। इससे छोटे दुकानदार और ग्रामीण व्यापार को भी मजबूती मिल रही है। 3. शिक्षा और स्वास्थ्य पर निवेश: सर्वेक्षणों में पाया गया है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की स्कूल फीस, पौष्टिक आहार और छोटी बीमारियों के इलाज में कर रही हैं, जो भविष्य में एक स्वस्थ समाज का निर्माण करेगा।
चुनौतियां और समाधान
इतनी बड़ी आबादी को भुगतान करने में कुछ तकनीकी चुनौतियां भी आती हैं। कई बार ‘आधार सीडिंग’ (Aadhaar Seeding) न होने के कारण पैसा रिजेक्ट हो जाता है। इसके समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन लगातार कैंप लगाकर बैंक खातों को आधार से जोड़ने का काम कर रहा है। उपायुक्त ने अपील की है कि लाभुक अपने बैंक जाकर ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा रखें।
समावेशी विकास
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड के समावेशी विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है। रांची जिले में जिस तत्परता से 3.87 लाख महिलाओं को लाभ दिया गया है, वह अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल है। सरकार की यह पहल आने वाले समय में राज्य की महिलाओं की सामाजिक स्थिति में बड़ा क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
संपादकीय टिप्पणी: ‘जन-मन की बात’ हमेशा जनहित की योजनाओं को आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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