Ranchi : राज्य के 48 शहरी निकायों में वार्ड पार्षद, मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 23 फरवरी को मतदान हुआ। इसी बीच मतदान से ठीक एक दिन पहले, 22 फरवरी को ‘मंईयां सम्मान’ योजना की 19वीं किस्त लाभुकों के खातों में ट्रांसफर किए जाने पर सियासत तेज हो गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसे आदर्श आचार संहिता का सरकारी स्तर पर उल्लंघन बताया है और राज्य निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
“मतदाताओं को लुभाने की कोशिश”: आदित्य साहू
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मतदान से ठीक पहले राशि भेजना मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान सरकारी योजनाओं के भुगतान की टाइमिंग संदेह पैदा करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं और आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए।
“कानून-व्यवस्था ध्वस्त, काम के आधार पर वोट नहीं”
भाजपा अध्यक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पिछले छह वर्षों में न तो ग्रामीण और न ही शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित विकास हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम सिंहभूम के एक भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने सुरक्षा को लेकर उनसे संपर्क किया है, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
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प्रशासन से निष्पक्ष चुनाव की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि पलामू में भाजपा सांसद बीडी राम और विधायक आलोक चौरसिया सहित पार्टी पदाधिकारियों ने डीसी और एसपी को आवेदन देकर भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
उनका आरोप है कि सत्ताधारी दल प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर चुनावी लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
चुनावी संदर्भ: 48 निकायों में मतदान
राज्य के 48 शहरी निकायों में 43 लाख से अधिक मतदाता 6 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, हालांकि कुछ जिलों से बैलेट संबंधी तकनीकी शिकायतें और मामूली विवाद की खबरें भी आई हैं।
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कानूनी परिप्रेक्ष्य: आचार संहिता क्या कहती है?
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद नई घोषणाएं, योजनाओं की शुरुआत या ऐसी गतिविधियां, जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं, सामान्यतः प्रतिबंधित मानी जाती हैं। हालांकि पहले से स्वीकृत योजनाओं की नियमित किस्तों के भुगतान को लेकर स्थिति प्रकरण-विशेष पर निर्भर करती है।
अब देखना होगा कि राज्य निर्वाचन आयोग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या औपचारिक शिकायत दर्ज होती है।