Khunti : झारखंड के खूंटी जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए पथराव की घटना के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। एक ओर जहां मुरहू थाना क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी निषेधाज्ञा लागू है, वहीं दूसरी ओर पूरे जिले में बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना के बाद बढ़ा तनाव, तीसरे दिन भी सख्ती बरकरार
दरअसल, रामनवमी जुलूस के दौरान कथित पथराव के बाद इलाके में अचानक तनाव फैल गया था। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मुरहू क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी, जो तीसरे दिन भी जारी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
बंद का असर: बाजार बंद, जनजीवन प्रभावित
वहीं, घटना के विरोध में रामनवमी महासमिति, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों द्वारा बुलाए गए खूंटी बंद का असर जिलेभर में देखने को मिला। खूंटी, तोरपा, रनिया और कर्रा समेत कई इलाकों में दुकानों को स्वेच्छा से बंद रखा गया। सड़कों पर आवाजाही कम रही और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं, जिससे साफ संकेत मिला कि घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है।
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गिरफ्तारी को लेकर विवाद, संगठनों का आरोप
इसी बीच, रामनवमी महासमिति और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मुरहू थाना पहुंचकर गिरफ्तारी देने की कोशिश की। उनका आरोप है कि प्रशासन ने बेगुनाह युवकों को जबरन गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वास्तविक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इसके साथ ही विहिप कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने में विफल रही और घटना के दौरान मूकदर्शक बनी रही।
प्रशासन का दावा: स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी
हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बताया गया है कि पथराव की घटना को लेकर अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत रामनवमी शोभायात्रा के दौरान ही हो गई थी। शुक्रवार को जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसे पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर शांत करा दिया था।
लेकिन इसके अगले दिन शनिवार को दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसी के बाद पूरे इलाके में तनाव गहरा गया।
एहतियातन धारा 144 लागू, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे मुरहू क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि घटना के दौरान पत्थर गिरने की बात सामने आई है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पथराव सुनियोजित था या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
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प्रशासन सतर्क, संवेदनशील माहौल
फिलहाल खूंटी में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती। प्रशासन जहां एक तरफ हालात को नियंत्रित रखने की कोशिश में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय संगठनों का विरोध इस मामले को और संवेदनशील बना रहा है।
आने वाले दिनों में यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि जांच कितनी पारदर्शिता से आगे बढ़ती है और प्रशासन कितनी जल्दी विश्वास बहाल कर पाता है।