Ranchi : फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” सर्वेक्षण के प्रारंभिक परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इस व्यापक सर्वे में देशभर के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के कामकाज, प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा से जुड़े कार्यों का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद लगभग 100 अधिकारियों को प्रारंभिक सूची में शामिल किया गया है।
इन 100 जिलाधिकारियों में झारखंड के छह जिलाधिकारी भी शामिल हैं। इनमें आदित्य रंजन (धनबाद ), दिनेश कुमार यादव (गढ़वा), मंजुनाथ भजंत्री (रांची), रवि आनंद (जामताड़ा-चतरा), आर रोनिटा (खूंटी) और हेमंत सती (साहिबगंज-धनबाद) शामिल हैं। हालांकि दिनेश यादव और आर रोनिटा वर्तमान में उपायुक्त के पद से मुक्त होकर पदस्थापना की प्रतीक्षा में हैं।
फेम इंडिया के अनुसार चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक दक्षता, सुशासन, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, नवाचार, जवाबदेही, विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन समेत 10 प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। इसके अलावा विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट, मीडिया विश्लेषण और जनसरोकार से जुड़े पहलुओं को भी सर्वे का हिस्सा बनाया गया।
प्रारंभिक सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के जिलाधिकारियों को स्थान मिला है। फेम इंडिया ने स्पष्ट किया है कि सूची को किसी रैंकिंग के रूप में नहीं देखा जाए, क्योंकि इसे वर्णक्रम (Alphabetical Order) के आधार पर जारी किया गया है। अंतिम चयन के बाद चुने गए अधिकारियों को पत्रिका के विशेष अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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फेम इंडिया के प्रबंध संपादक अनिल सिंह के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य उन जिलाधिकारियों के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है, जिन्होंने प्रशासन, जनसेवा और विकास कार्यों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
दरअसल भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में जिलाधिकारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकारी योजनाओं और नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों पर होती है। विकास कार्यों, आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर एक जिलाधिकारी की कार्यशैली सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती है।
जिलाधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी भर नहीं होते, बल्कि वे बेहतर प्रबंधन, संवेदनशील नेतृत्व और प्रभावी निर्णय क्षमता का उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं। एक सक्षम अधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और विकास का लाभ सभी वर्गों को समान रूप से मिले।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए फेम इंडिया ने अपने विशेष अंक “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” के माध्यम से देश के उन अधिकारियों को सामने लाने का प्रयास किया है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी प्रभावी नेतृत्व, नवाचार और जनसेवा की मिसाल पेश की है।
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फेम इंडिया और एशिया पोस्ट की ओर से किए गए इस सर्वे में देशभर के जिलों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों का विस्तृत अध्ययन किया गया। विशेषज्ञों की राय, मीडिया रिपोर्ट्स और ग्राउंड फीडबैक के आधार पर उन लोकप्रिय और प्रभावशाली जिलाधिकारियों की पहचान की गई, जिन्होंने अपने कार्यकाल में विशेष उपलब्धियां हासिल की हैं।
प्रारंभिक परिणामों में शामिल करीब 100 अधिकारियों में से अंतिम रूप से चयनित जिलाधिकारियों को फेम इंडिया मैगजीन के विशेष संस्करण में स्थान दिया जाएगा।
झारखंड के चयनित जिलाधिकारियों को जानिए

आदित्य रंजन ( डीसी धनबाद)
2015 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन फिलहाल धनबाद के उपायुक्त के रूप में कार्यरत हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक आदित्य रंजन ने धनबाद जैसे बड़े और संवेदनशील जिले में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के साथ झरिया पुनर्वास जैसी जटिल चुनौती को स्वीकार किया। साथ ही उन्होंने सुनिश्चित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों और जरूरतमंदों तक पहुंचे।
दिनेश कुमार यादव (पूर्व डीसी गढ़वा)
2018 बैच के आइएएस अधिकारी दिनेश कुमार यादव को मई माह में गढ़वा का उपायुक्त नियुक्त किया गया। अपने सख्त प्रशासनिक छवि और पारदर्शी कार्यशैली के कारण उन्होंने कम समय में लोगों के बीच खास पहचान बनाई।
भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाते हुए उन्होंने कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की और सिस्टम में सुधार लाने का प्रयास किया। विकास कार्यों और जनसंपर्क के जरिए उन्होंने सीमावर्ती जिले गढ़वा में नई ऊर्जा पैदा की।
मंजूनाथ भजंत्री (डीसी रांची)
2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री रांची के उपायुक्त हैं। उन्हें जनहित के कार्यों, निर्णय लेने की त्वरित क्षमता और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण के लिए उन्हें विशेष रूप से सराहा गया है। कर्नाटक के एक छोटे से गांव से बिना किसी कोचिंग के आईआईटी बांबे तक पहुंचने और फिर वहां से आईएएस बनने तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनकी कहानी छात्रों और युवाओं के लिए मिसाल मानी जाती है।
रवि आनंद (डीसी जामताड़ा/चतरा)
2018 बैच के आइएसए अधिकारी रवि आनंद ने जामताड़ा में अपने उपायुक्त के कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहल की। उन्होंने कुपोषण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन किया तथा सुधार के लिए कई व्यावहारिक कदम उठाए।
वर्तमान में वे चतरा में प्रशासनिक दायित्व संभाल रहे हैं, जहां भी उनकी कार्यशैली को जनकेंद्रित प्रशासन के रूप में देखा जा रहा है।
आर. रोनिटा (पूर्व डीसी खूंटी)
2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी आर. रोनिटा ने मई 2025 में खूंटी जिले के उपायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया।
सामाजिक संगठनों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर उन्होंने खूंटी जैसे संवेदनशील जिले में विकास और जनभागीदारी आधारित प्रशासन की नई मिसाल पेश की।
हेमंत सती (डीसी साहिबगंज/हजारीबाग)
वर्ष 2017 बैच के IAS अधिकारी हेमंत सती वर्तमान में हजारीबाग के उपायुक्त हैं। इससे पहले साहिबगंज में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अवैध खनन पर कार्रवाई, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा आधारभूत संरचना विकास पर विशेष काम किया। सड़क निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और जनता दरबार के माध्यम से लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को उन्होंने प्रशासन की प्राथमिकता बनाया।
इन अधिकारियों ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि संवेदनशील सोच, पारदर्शी प्रशासन और जनता से सीधा संवाद किसी भी जिले की तस्वीर बदल सकता है। देश के टॉप 100 प्रभावशाली उपायुक्तों की सूची में झारखंड के इन अधिकारियों का शामिल होना राज्य के लिए गौरव और सकारात्मक प्रशासनिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
पूरी सूची देखें
झारखंड
- आदित्य रंजन (धनबाद)
- दिनेश कुमार यादव (गढ़वा)
- मंजूनाथ भजन्त्री (रांची)
- रवि आनंद (जामताड़ा)
- आर. रोनिता (खूंटी)
- हेमंत सती (साहिबगंज)
बिहार
- आनंद शर्मा (मधुबनी)
- उदिता सिंह (रोहतास)
- दीपेश कुमार (सहरसा)
- डॉ. थियागराजन एस.एम. (पटना)
- वैभव श्रीवास्तव (सारण)
- विवेक रंजन मैत्रेय (सीवान)
- शशांक शुभंकर (गया)
- सुब्रत कुमार सेन (मुजफ्फरपुर)
उत्तर प्रदेश
- अंजनी कुमार सिंह (मैनपुरी)
- अस्मिता लाल (बागपत)
- अविनाश सिंह (बरेली)
- राजेंद्र पेंसिया (संभल)
- रविन्द्र कुमार (आजमगढ़)
- विजय कुमार सिंह (मेरठ)
- विशाख जी अय्यर (लखनऊ)
- सत्येंद्र कुमार (वाराणसी)
पश्चिम बंगाल
- पी. दीपप्रिया (हावड़ा)
- पोन्नामबलम एस. (पश्चिम बर्धमान)
- हरिशंकर पैनिकर (दार्जिलिंग)
- शिल्पा गौरसिरिया (उत्तर 24 परगना)
ओडिशा
- अमृत रुतुराज (खोरधा)
- दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे (कटक)
- वी. कीर्ति वासन (गंजाम)
- सुभंकर मोहापात्र (सुंदरगढ़)
छत्तीसगढ़
- गौरव कुमार सिंह (रायपुर)
- दिव्या उमेश मिश्रा (बालोद)
- संबित मिश्रा (बीजापुर)
मध्य प्रदेश
- कौशलेंद्र विक्रम सिंह (भोपाल)
- रजनी सिंह (नरसिंहपुर)
- राघवेंद्र सिंह (जबलपुर)
- सतीश कुमार एस. (सतना)
- शिवम वर्मा (इंदौर)
राजस्थान
- अंकित (डूंगरपुर)
- अलोक रंजन (चित्तौड़गढ़)
- अरुण गर्ग (झुंझुनूं)
- जितेंद्र कुमार सोनी (जयपुर)
- टीना डाबी (बाड़मेर)
- मुकुल शर्मा (सीकर)
महाराष्ट्र
- अमोल जगन्नाथ येडगे (कोल्हापुर)
- आयुष प्रसाद (नासिक)
- जितेंद्र डूडी (पुणे)
- किशन नारायणराव जावले (रायगढ़)
- सौरभ कटियार (मुंबई उपनगरीय)
पंजाब
- आशिका जैन (होशियारपुर)
- कोमल मित्तल (मोहाली)
- दीपशिखा शर्मा (फिरोजपुर)
- हिमांशु अग्रवाल (जालंधर)
हरियाणा
- अजय कुमार (गुरुग्राम)
- आयुष सिन्हा (फरीदाबाद)
- नेहा सिंह (सोनीपत)
- सतपाल शर्मा (पंचकुला)
हिमाचल प्रदेश
- अनुपम कश्यप (शिमला)
- अपूर्व देवगन (मंडी)
- गंधर्वा राठौड़ (हमीरपुर)
- मनमोहन शर्मा (सोलन)
- हेमराज बैरवा (कांगड़ा)
उत्तराखंड
- नितिन सिंह भदौरिया (ऊधम सिंह नगर)
- प्रशांत आर्य (उत्तरकाशी)
- मयूर दीक्षित (हरिद्वार)
- ललित मोहन रयाल (नैनीताल)
- विशाल मिश्रा (रुद्रप्रयाग)
कर्नाटक
- जगदीश जी (बेंगलुरु अर्बन)
- दर्शन एच.वी. (दक्षिण कन्नड़)
- स्वरूपा टीके (उडुपी)
केरल
- अनु कुमारी (तिरुवनंतपुरम)
- जी. प्रियंका (कोच्चि)
- प्रेम कृष्णन एस. (पथानमथिट्टा)
तमिलनाडु
- डी. स्नेहा (कांचीपुरम)
- पवनकुमार जी गिरियप्पनवार (कोयंबटूर)
- रश्मि सिद्धार्थ जागड़े (चेन्नई)
तेलंगाना
- मिक्किलिनेनी मनु चौधरी (मेदचल-मल्काजगिरी)
- हरिचंदना दासरी (हैदराबाद)
- सी. नारायण रेड्डी (रंगारेड्डी)
आंध्र प्रदेश
- ए. तमीम अंसारिया (गुंटूर)
- जी. लक्ष्मीश (एनटीआर जिला)
- डीके बालाजी (कृष्णा)
असम
- अनामिका तिवारी (मोरीगांव)
- बिक्रम कैरी (डिब्रूगढ़)
- सुमित सत्तावन (तिनसुकिया)
- स्वप्नील पॉल (कामरूप मेट्रोपॉलिटन)
त्रिपुरा
- चांदनी चंद्रन (नॉर्थ त्रिपुरा)
- रिंकू लाथर (गोमती)
- विशाल कुमार (वेस्ट त्रिपुरा)
मेघालय
- अभिनव कुमार सिंह (वेस्ट जयंतिया)
- विभोर अग्रवाल (वेस्ट गारो हिल्स)
- रोसेटा मैरी कुर्बाह (ईस्ट खासी हिल्स)
मणिपुर
- धरुन कुमार एस. (चुराचंदपुर)
- मयांग्लाम्बम राजकुमार (इम्फाल वेस्ट)
एजीएमयूटी कैडर
- अंकित यादव (नॉर्थ गोवा)
- लक्ष्य सिंघल (दक्षिण दिल्ली)
- मेकला चैतन्य प्रसाद (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली)
- विशाखा यादव (कुरुंग कुमे, अरुणाचल प्रदेश)
- सलोनी राय (उधमपुर / उत्तरी दिल्ली)
- सनी कुमार सिंह (नई दिल्ली)
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