Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस (स्विट्ज़रलैंड) और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के आधिकारिक दौरे के बाद मंगलवार को रांची लौट आए। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची परिसर में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन किया गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पहली बार झारखंड से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर था जब झारखंड ने इतने बड़े वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माता शामिल हुए।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से झारखंड को मिलेगा विकास का नया अनुभव
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक मंच के माध्यम से झारखंड ने अपनी बात दुनिया के सामने रखने का सार्थक प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि दावोस और लंदन दोनों जगहों पर राज्य सरकार ने झारखंड की आवाज को प्रभावी ढंग से पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार झारखंड ने इतने बड़े वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होकर राज्य सरकार को जो अनुभव मिला है, उसका उपयोग झारखंड के समग्र विकास के लिए किया जाएगा।
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जल-जंगल-जमीन और युवाओं को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से मिले अनुभव के आधार पर राज्य की जल, जंगल, जमीन और यहां की अपार संभावनाओं को एक नया आयाम देने की दिशा में सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने के लिए सकारात्मक और दूरदर्शी पहल की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वैश्विक सम्मेलन के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे राज्य की युवा पीढ़ी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में असीम संभावनाएं हैं और इन सभी संभावनाओं को मूर्त रूप देकर राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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