पारण परेड में शामिल हुए 340 प्रशिक्षु पुलिसकर्मी, मुख्यमंत्री बोले- जनता की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी

Anand Kumar
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रांची। जैप-1 ग्राउंड, डोरंडा में गुरुवार को आयोजित “बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026” में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 4 पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और 336 नवप्रशिक्षित आरक्षियों (255 पुरुष एवं 81 महिला) ने आकर्षक मार्चपास्ट, कदमताल और अनुशासन का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जैप-1 परिसर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने संविधान, देश एवं राज्य सेवा, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे और कठिन प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षु अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल नौकरी का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता की सेवा, कानून के शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जिम्मेदारी का प्रतीक है।

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उन्होंने कहा कि आज के बाद प्रशिक्षु केवल अपने लिए नहीं, बल्कि राज्य के करोड़ों नागरिकों की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं। सेवा के दौरान अनेक कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन पुलिसकर्मियों का कर्तव्य हर परिस्थिति में कानून और संविधान की रक्षा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का प्रभाव राज्य की कानून-व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित जवान अपराध नियंत्रण, शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपात परिस्थितियों से निपटने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को राज्य के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिला प्रशिक्षुओं की मौजूदगी गर्व का विषय है। सरकार चाहती है कि हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़े और पुलिस सेवा में भी उनकी भूमिका और मजबूत हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में पुलिस विभाग के लिए आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद प्रशिक्षुओं का उत्साह और अनुशासन सराहनीय रहा। सरकार भविष्य में भी पुलिस विभाग को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराती रहेगी ताकि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल से अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्रदान किए।

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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