Patna : बिहार में गुरुवार का दिन राजनीति, न्यायपालिका और जनजीवन से जुड़ी बड़ी घटनाओं से भरा रहा। एक तरफ इफ्तार पार्टी में सियासी संकेत देखने को मिले, तो दूसरी ओर जदयू में संगठनात्मक हलचल तेज हुई। वहीं, बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जमानत मिलने से राजनीतिक माहौल गरमाया, जबकि लालू-राबड़ी को अदालत से झटका लगा। इधर राजधानी पटना में गैस संकट को लेकर लोगों का गुस्सा भी सड़कों पर दिखा।
इफ्तार में दिखा सियासी संकेत: निशांत ने छोड़ा ‘CM सोफा’
इफ्तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की मौजूदगी चर्चा में रही। निशांत मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित सोफे पर बैठे नजर आए, लेकिन जैसे ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कार्यक्रम में पहुंचे, उन्होंने तुरंत सीट खाली कर दी और पास में जाकर बैठ गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी समेत कई नेता मौजूद थे। कार्यक्रम से निकलते समय निशांत ने रमजान के मौके पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भाईचारे और शांति की अपील की।
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जदयू में फिर कमान संभालेंगे नीतीश कुमार
उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में यह प्रक्रिया पूरी हुई, जहां कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े को सौंपा। यह नीतीश कुमार का चौथा कार्यकाल हो सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 29 मार्च को पटना में राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जा सकती है, जिसमें संगठन से जुड़े अहम फैसले लिए जाएंगे।
अनंत सिंह को बेल, गांव में जश्न-लेकिन गैंग से चुनौती
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब चार महीने बाद मिली राहत के बाद उनके गांव नदवां में जश्न का माहौल है।
हालांकि, इस बीच एक कथित गैंगस्टर ‘सोनू’ का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम धमकी देते हुए अनंत सिंह को चुनौती देता दिख रहा है। इससे साफ है कि रिहाई के बाद भी इलाके में तनाव बना रह सकता है
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लालू-राबड़ी को अदालत से झटका
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है।
अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने 1600 से अधिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की थी। विशेष न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेज देना न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बना देगा और यह “उलटी गंगा बहाने” जैसा होगा।
गैस संकट पर जनता का गुस्सा, एजेंसियों पर हंगामा
इधर राजधानी पटना में रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जक्कनपुर, कंकड़बाग और पटना सिटी में लोगों ने गैस एजेंसियों पर हंगामा किया। कुछ स्थानों पर सिलेंडर लूटने की घटनाएं भी सामने आईं। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कालाबाजारी में शामिल चार होटलों और रेस्टोरेंट्स को सील कर दिया है और कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
कुल मिलाकर, बिहार में एक ही दिन में राजनीति, कानून-व्यवस्था और आम जनता से जुड़े मुद्दों ने राज्य की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है, जहां सत्ता, सिस्टम और समाज तीनों स्तरों पर हलचल तेज नजर आ रही है।