नई दिल्ली/रांची : झारखंड अब अपनी पहचान बदलने की राह पर है। पारंपरिक रूप से केवल खनिज संपदा (Mines) के लिए पहचाने जाने वाले इस राज्य को अब बौद्धिक क्षमता और तकनीकी नवाचार (Minds) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के समापन सत्र में यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार सिर्फ कागजी नीतियां नहीं बना रही, बल्कि विकास और निवेश की वास्तविक संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
विकास के लिए ‘लॉन्ग-टर्म’ और समयबद्ध विजन निवेशकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य अब शॉर्ट-टर्म प्रोजेक्ट्स के बजाय लंबी अवधि की साझेदारियों (Long-term Partnerships) पर है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी योजना को सिर्फ फाइलों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि एक तय समय-सीमा के भीतर उसे जमीन पर उतारा जाए। इसके अलावा, राज्य और निवेशकों के बीच पिछले समय में जो ‘कम्युनिकेशन गैप’ रहा है, उसे खत्म कर एक निरंतर संवाद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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आदिवासियों को औद्योगिक मुख्यधारा से जोड़ने की पहल राज्य के समग्र विकास में मूल निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जियाडा (JIADA) के नियमों के तहत उद्योग लगाने वाले आदिवासी उद्यमियों को दी जाने वाली 25% रियायत को बढ़ाकर 50% करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
दिग्गज कंपनियों के साथ 14 अहम एमओयू पर मुहर कार्यक्रम के दौरान झारखंड में डिजिटल गवर्नेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए गूगल, टाटा समूह, जिंदल ग्रुप, वरुण बेवरेजेस और ईज माय ट्रिप जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक और घरेलू कंपनियों के साथ कुल 14 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने इन समझौतों को महज कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की बड़ी उपलब्धि करार दिया।

B2G संवाद : विदेशी निवेश और औद्योगिक साझेदारियों का नया दौर
कंसल्टेशन के दूसरे दिन बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों में कई सेक्टर्स में निवेश पर अहम सहमतियां बनीं:
- सिंगापुर के साथ कौशल और चिकित्सा में साझेदारी: भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए डेलिगेशन ने झारखंड में वर्ल्ड-क्लास स्किल सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। साथ ही, चिकित्सा अनुसंधान और अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिंगापुर के सफल मॉडल को झारखंड में लागू करने का रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी।
- हरित ऊर्जा में सीआईआई (CII) का प्रस्ताव: भारतीय उद्योग परिसंघ ने राज्य में सौर ऊर्जा, विंड एनर्जी, स्मार्ट मीटरिंग और ग्रिड आधुनिकीकरण जैसे ग्रीन एनर्जी सेक्टर्स में निवेश का बड़ा खाका पेश किया, जिसे सरकार ने पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया।
- साइकिल निर्माण से 1000 करोड़ के निवेश की उम्मीद: हीरो साइकिल्स और एवन साइकिल्स के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में राज्य में ई-साइकिल और साइकिल निर्माण इकाइयां लगाने पर चर्चा हुई। इस सेक्टर में लगभग ₹500 करोड़ से ₹1,000 करोड़ के संभावित निवेश और बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
झारखंड बनेगा पर्यटन का नया ग्लोबल हब पर्यटन क्षेत्र को रोजगार और अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए:
ईज़माईट्रिप और मेकमाईट्रिप: इन ट्रैवल कंपनियों के साथ मिलकर राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को प्रमोट किया जाएगा। इसके लिए बड़े ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स को झारखंड आमंत्रित करने की योजना है।
फिक्की (FICCI) और फिक्की टूरिज्म फेडरेशन: राज्य में नेचर टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। रांची में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स बनाने के प्रस्ताव पर सरकार ने जमीन उपलब्ध कराने की बात कही है।
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