Ranchi : झारखंड आंदोलन के केंद्रीय चेहरे और राज्य निर्माण के सूत्रधार शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया, साथ ही गुरुजी के संघर्ष और योगदान को राजनीतिक सीमाओं से परे बताया और कहा कि गुरुजी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।
हेमंत सोरेन ने लिखा कि झारखंड की समस्त जनता की ओर से वह पद्मभूषण सम्मान की घोषणा के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजी का जीवन किसी एक दल या सत्ता तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका पूरा जीवन समता, समावेशी समाज, सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि यही वह संघर्ष था, जिसने दशकों तक चली सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गुरुजी का प्रभाव सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समाज के बीच उनकी स्वीकार्यता रही।
हेमंत सोरेन ने अपनी पोस्ट में यह स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता के दिल और विचारों में, और देशभर के आदिवासी समाज के बीच गुरुजी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पद्मभूषण की घोषणा को लेकर राज्य में सम्मान और अपेक्षा—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड विधानसभा से शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया एक ओर जहां केंद्र के फैसले के प्रति औपचारिक धन्यवाद व्यक्त करती है, वहीं दूसरी ओर गुरुजी के ऐतिहासिक कद और योगदान को रेखांकित भी करती है।
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