Ranchi : झारखंड सरकार ने अपने कर्मचारियों के वेतन खाता (सैलरी अकाउंट) पैकेज को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के बाद यह तीसरा प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसके साथ राज्य सरकार ने औपचारिक करार किया है।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि यह समझौता राज्य सरकार और बैंकिंग संस्थानों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा और कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।
वेतन खाता पैकेज: कर्मचारियों को क्या लाभ
कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने जानकारी दी कि सैलरी अकाउंट धारकों को विशेष पैकेज के तहत कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। इनमें प्रमुख रूप से:
- 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर
- व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा
- प्राथमिकता आधारित बैंकिंग सेवाएं
- ऋण और अन्य वित्तीय उत्पादों पर विशेष शर्तें
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वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे समझौते का उद्देश्य केवल वेतन भुगतान की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को व्यापक वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में दुर्घटनाओं में दिवंगत सरकारी कर्मियों के परिजनों को बीमा प्रावधानों के तहत सहायता मिली है। इस प्रकार के पैकेज कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करते हैं।
राज्य सरकार की रणनीति: प्रतिस्पर्धी बैंकिंग विकल्प
राज्य सरकार पहले भी विभिन्न बैंकों के साथ सैलरी अकाउंट समझौते कर चुकी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एक से अधिक बैंकों के साथ करार का उद्देश्य कर्मचारियों को विकल्प देना और बेहतर सेवाओं की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।
सरकारी कर्मचारियों की संख्या और नियमित वेतन भुगतान व्यवस्था को देखते हुए सैलरी अकाउंट पैकेज बैंकिंग क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे बैंकिंग पहुंच का विस्तार होता है और कर्मचारियों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
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सामाजिक और संस्थागत दायित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक केवल वित्तीय लेन-देन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और विकासात्मक भूमिका भी निभाते हैं। कृषि, ग्रामीण विकास, लघु उद्योग और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकिंग प्रणाली की अहम भूमिका होती है। ऐसे में राज्य सरकार और बैंक के बीच समन्वय से व्यापक लाभ की उम्मीद की जा सकती है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में कौन रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बैंक के मंडल प्रमुख (रांची) अवधेश कुमार झा और वित्त विभाग की अधिकारी श्वेता सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore, मंत्री Irfan Ansari, मंत्री Sanjay Prasad Yadav, मंत्री Deepika Pandey Singh, मंत्री Shilpi Neha Tirkey, मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
संभावित प्रभाव: कर्मचारियों से आगे आम जन तक
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर बैंकिंग पैकेज का अप्रत्यक्ष प्रभाव राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर भी पड़ता है।
- बीमा कवरेज से आकस्मिक जोखिम कम होता है
- डिजिटल और औपचारिक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होता है
- ऋण सुविधा से व्यक्तिगत आर्थिक गतिविधियों को बल मिलता है
राज्य सरकार का दृष्टिकोण यह है कि कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही अतिरिक्त सुविधाएं उनके वित्तीय सशक्तिकरण में सहायक होंगी।
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पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुआ यह समझौता राज्य सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग विकल्प और सामाजिक सुरक्षा कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है। आने वाले समय में इन प्रावधानों का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।